हां, भारत में है आर्थिक सुस्तीः मुकेश अंबानी

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नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने यह स्वीकार किया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती का दौर है. हालांकि, उन्होंने इसे अस्थायी बताया है और कहा है कि सरकार ने हाल में जो कदम उठाए हैं, उनसे अगली तिमाहियों में अर्थव्यवस्था को तेजी मिलेगी. सऊदी अरब के शहर रियाद में आयोजित सालाना निवेश मंच फ्यूचर इनवेस्टमेंट इनिशिएटिव को संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने यह बात कही.

अंबानी ने कहा

29 से 31 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पीएम नरेंद्र मोदी थे. इस कार्यक्रम में मुकेश अंबानी सहित कई दिग्गज भारतीय कारोबारी भी शामिल हुए. मुकेश अंबानी ने मंगलवार को इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, हां, भारतीय अर्थव्यवस्था में थोड़ी सुस्ती जरूर है, लेकिन मेरा मानना है कि ये अस्थायी है. पिछले कुछ महीनों में जो सुधार उपाय किए गए हैं, उनका नतीजा दिखेगा और मुझे पूरा भरोसा है कि अगली तिमाहियों में हालात बदलेंगे.
उन्होंने पीएम मोदी, सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद और उनके बेटे प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज का हवाला देते हुए कहा, इन सबसे ऊपर ऐसा नेतृत्व है जो गति देने वाला है. दोनों देशों में ऐसा नेतृत्व है, जो पूरी दुनिया में अनूठा है. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने पिछले 2-3 साल में जबरदस्त बदलाव देखा है.
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के ग्रोथ रेट में पिछले पांच महीने से गिरावट देखी जा रही है. अप्रैल-जून की तिमाही में तो यह 5 फीसदी तक हो गया है, जबकि एक साल पहले 8 फीसदी था. यह साल 2013 के बाद सबसे कम बढ़त दर है.

सरकार ने क्या कदम उठाए

गौरतलब है कि अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए हाल में केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार कई ऐलान करती रही हैं. कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की गई है, कई तरह के सरचार्ज हटाए गए हैं. गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की हालत सुधारने की कोशिश की गई है. बैंकों को नई पूंजी दी जा रही है.

इस साल अगस्त में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज ने यह घोषणा की है कि सऊदी अरब की दिग्गज सरकारी कंपनी अरामको उसके रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार में 20 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेगी.
यह सौदा करीब 75 अरब डॉलर का होगा और साल 2020 की पहली छमाही तक इसके पूरे होने की उम्मीद है. यह भारत में होने वाले सबसे बड़े निवेश में से एक होगा. इस समझौते के तहत अरामको भारत में रिलायंस को प्रति दिन 5 लाख बैरल तेल देगी.