कश्मीर में इंटरनेट सेवा बंद करने से ही आतंकी घटनाओं पर लगाम लगाना संभव हुआ: जितेंद्र सिंह

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श्रीनगर. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के दौरान इंटरनेट सेवा बंद करने के समर्थन में मंगलवार को बयान दिया। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीने जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवा बंद करना आतंकियों घटनाओं के रोकने में काफी मददगार साबित हुआ। सिंह ने कहा कि कुछ लोग जो राजनीति के लिए इस फैसले का विरोध कर रहे थे, वे यहां के नागरिकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे थे।
जितेंद्र सिंह डोडा और किश्तवाड़ जिले में आयोजित डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट एंड मॉनिट्रिंग कमेटी की बैठक (दिशा) में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि इंटरनेट के निलंबन के कारण ही किश्तवाड़ में कई आतंकियों का खात्मा संभव हो सका। इंटरनेट सेवा बंद करने के कारण ही किश्तवाड़ जिले समेत अन्य क्षेत्रों में आतंकी कमजोर हुए और वे यहां से भागने को मजबूर हुए।

‘विरोधियों को आतंकियों से फायदा मिलता है’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कश्मीर घाटी में जिन राजनीतिक कार्यकर्ताओं को आतंकियों से फायदा मिलता है, वे ही इंटरनेट पर रोक के विरोध में लगातार हंगामा कर रहे हैं। यहां आतंकी डर और निराशाजनक मतदान के कारण ही इन नेताओं की राजनीति पिछले तीन दशकों से बची हुई है। फिलहान इन नेताओं के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे आम नागरिक के जीवन से खिलवाड़ करते हुए हर कुछ मुद्दा बना रहे हैं। जितेंद्र सिंह ने कहा कि सबसे खराब हालत जम्मू की है, जहां कुछ लोग आतंकियों के बहकावे में आकर विरोध कर रहे हैं।

‘राज्य में हालात बंद के थे, लेकिन कोई आतंकी वारदात नहीं हुई’
जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर अनुच्छेद 370 को खत्म कर उसे लद्दाख समेत दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में बदल दिया। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर राज्य में इंटरनेट सेवा और मोबाइल सेवा को बंद कर दिया था। राज्य में हालात बंद के थे, लेकिन ये भी सही है कि दो महीने से ज्यादा के वक्त में कोई भी आतंकी वारदात नहीं हुई।