कल से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में क्या कुछ बदल जाएगा, क्यों ऐतिहासिक है तारीख

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नई दिल्ली। 31अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश के दो नए केन्द्र शासित राज्य हो जाएंगे. इसके बाद इन दोनों जगहों के प्रशासन और व्यवस्था बदले हुए कानून के अंतर्गत काम करेंगी. अब इन जगहों पर रनबीर पेनल कोड की जगह इंडियन पेनल कोड यानि आईपीसी की धाराएं काम करेंगी. इसके साथ ही केन्द्र सरकार ने ये भी साफ कर दिया है कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख रीजन में जो मौजूदा साढ़े तीन लाख सरकारी कर्मचारी काम कर रहे हैं वो आने वाले कुछ महीनों तक मौजूदा व्यवस्था के तहत ही अपने- अपने इलाकों में काम करते रहेंगे. केन्द्र सरकार के मुताबिक दोनों नए केन्द्र शासित राज्यों में बदलाव की ये प्रक्रिया बेहद सादगी भरी समारोह में होगी.
अभी तक जम्मू कश्मीर में लागू सभी पुराने कानून जो विशेषकर जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देते थे वह सभी 31 अक्टूबर से समाप्त हो जाएंगे. जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए गृह मंत्रालय ने संयुक्त सचिव के स्तर के एक नए अधिकारी की तैनाती की मांग की है. साथ ही गृह मंत्रालय में पहली बार जम्मू कश्मीर के अलावा लद्दाख सेक्शन भी खोला गया है. लद्दाख डिवीजन के विकास के लिए केंद्र सरकार जल्दी एक बड़े पैकेज की घोषणा करने जा रही है.

लद्दाख डिवीजन में गवर्नर के दो एडवाइजर भी लगाए जायेंगे. केंद्र सरकार ने निर्देश दिए हैं कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख में जो ऑफिसर जहां तैनात हैं फिलहाल वही रहेंगे. नई व्यवस्था के तहत आने वाले दिनों में जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए यूनियन टेरिटरी के अफसर तैनात किए जाएंगे.
यानी कुल मिलाकर अब यूटी कैडर के अधिकारी लद्दाख से लेकर अंडमान तक तैनात होंगे दिल्ली भी उनमें एक है. इस योजना को अंतिम कार्य रूप साल 2020 तक दे दिया जाएगा लेकिन तब तक जम्मू-कश्मीर में तैनात अधिकारी यूटी कैडर के अधिकारी ही कहे जायेंगे.

दो नए केन्द्र शासित राज्य जम्मू कश्मीर और लद्दाख व्यवस्था के बदलाव होंगे

पुलिस व्यवस्था जम्मू कश्मीर में डीजीपी का मौजूदा पद कायम रहेगा जबकि लद्दाख में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस वहां के पुलिस का मुखिया होंगे. दोनों ही केन्द्र शासित राज्यों की पुलिस केन्द्र सरकार के निर्देश पर काम करेंगी.
हाईकोर्ट फिलहाल जम्मू कश्मीर की श्रीनगर और जम्मू बेंच मौजूदा व्यवस्था के अंतर्गत काम करेंगी और लद्दाख के मामलों की सुनवाई भी अभी की तरह ही होगी. चंडीगण की तर्ज पर इसे लागू करने का फैसला लिया गया है.
केन्द्रीय अर्धसैनिक बल आने वाले दिनों में भी इन दोनों केन्द्र शासित राज्यों में केन्द्र सरकार के निर्देश पर ही केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती होगी.
आयोग का कामकाज जम्मू कश्मीर और लद्दाख में फिलहाल जो आयोग काम कर रहे थे अब उनकी जगह केन्द्र सरकार के आयोग अपनी भूमिका निभाएंगे.
विधायिका का कामकाज दोनों केन्द्र शासित राज्यों में एलजी की भूमिका प्रमुख होगी और उन्हीं की अनुमति से महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे.
केन्द्र सरकार जल्द ही इन दोनों केन्द्र शासित राज्यों के सरकारी कर्मचारियों से उनके काम करने के प्राथमिकता की जगह पूछेगी. फिर आनेवाले दिनों में उस हिसाब से तैनाती की जाएगी. इसके अलवा अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी सरकारी नियुक्तियां जल्द ही की जाएंगी.