अरामको को महाराष्ट्र में जमीन मिलने का इंतजार, सऊदी मंत्री बोले- गेंद भारत के पाले में

0
99

नई दिल्ली। ईरान पर प्रतिबंधों के बाद तेल की आपूर्ति भारत के लिए चिंता का बड़ा विषय है लेकिन सऊदी अरब ने भारत को तेल की निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया है. इसके अलावा महाराष्ट्र में 60 अरब डॉलर की तेल रिफाइनरी पर काम करने के लिए सऊदी अरब की सरकारी कंपनी अरामको और भारतीय सार्वजनिक उपक्रम की तेल कंपनियों के बीच बड़े समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं.
सऊदी अरब के वाणिज्य मंत्री माजिद बिन अब्दुल्ला अल कसाबी ने गुरुवार को इस संबंध में गेंद भारत के पाले में डालते हुए कहा कि जैसे ही भारत की ओर से जमीन आवंटित कर दी जाएगी, इस पर काम शुरू हो जाएगा.
सऊदी वाणिज्य मंत्री ने कहा, ‘जहां तक अवसरों का सवाल है, हमने अरामको से शुरुआत की है. इसने रिफाइनरी बनाने का फैसला किया और ये बहुत बड़ा निवेश है. ये एक प्रतिबद्धता है. हम भारत सरकार की ओर से जमीन को चुनने का इंतजार कर रहे हैं. हम समझ सकते हैं जैसे कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि राज्य में नई सरकार चुनी गई है, ऐसे उन्हें उम्मीद है कि जमीन जल्दी आवंटित हो जाएगी. इसलिए गेंद भारत के पाले में है और ये 35 अरब डॉलर के निवेश की शुरुआत है.”
पहले ये प्रोजेक्ट महाराष्ट्र के रत्नागिरी में बनना था. लेकिन बाद में इसे रायगढ़ में स्थापित करने का फैसला किया गया. रिफाइनरी को बनाने में सऊदी कंपनी अरामको, संयुक्त अरब अमीरात की कंपनी एडनॉक, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन सहयोग करेंगे.
सऊदी मंत्री माजिद ने भविष्य के निवेश और नई दिल्ली-रियाद के बीच रणनीतिक भागीदारी के लिए नई काउंसिल बनाने के विषय पर कहा, ‘हमने फैसला किया है, कि हर पहचान किए जाने वाले क्षेत्र के लिए दोनों पक्षों से चैम्पियन काम करेंगे. काउंसिल की दोनों देशों के नेता अगुआई करेंगे इसलिए त्वरित उपलब्धि होंगी.’ निर्माण पूरा हो जाने के बाद रायगढ़ रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड रिफाइनरी होगी.