अमेरिका – कम्युनिस्ट सरकार ने दुर्भावनापूर्वक कोरोना वायरस को फैलाया है

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न्यूयार्क : कोरोना वायरस की संक्रमण से जूझ रहे अमेरिका में चीन के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है. कई अमेरिकी नेता चीन के ऊपर संक्रमण संबंधी डेटा को छुपाने और जांच में सहयोग न करने का खुलेआम आरोप भी लगा चुके हैं. इस बीच अमेरिका के एक शीर्ष सांसद ने चीन की सरकार को कोविड-19 वैश्विक महामारी का कारण बनने वाले उसके झूठ, छल और बातों को गुप्त रखने की कोशिशों के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने को लेकर 18 सूत्री योजना सामने रखी है. भारत के साथ सैन्य संबंध बढ़ाना इस योजना का एक हिस्सा है. सेनेटर थॉम टिलिस ने चीनी प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि वहां की कम्युनिस्ट सरकार ने दुर्भावनापूर्वक कोरोना वायरस को फैलाया है जिससे लाखों अमेरिकी पीड़ित हैं. यह ऐसा देश है जो अपने ही देश को लोगों को डिटेंशन कैंपों में कैद कर रहा है और हमारे सहयोगी देशों के संप्रभुता के खिलाफ धमकी दे रहा है.

इस योजना में चीनी सरकार से मुआवजा मांगने तथा वायरस के बारे में झूठ बोलने के लिए उस पर प्रतिबंध लगाए जाने का सुझाव दिया गया है. साथ ही कहा गया है कि चीन को उसके अत्याचारी मानवाधिकार रिकॉर्ड के लिए भी प्रतिबंधित किया जाना चाहिए. सांसद टिलिस की योजना में ट्रंप प्रशासन से अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से औपचारिक तौर पर अनुरोध कर बीजिंग से 2020 शीतकालीन ओलंपिक वापस लेने की अपील भी की गई है.

सेनेटर ने कहा कि अमेरिका के लिए यह जागने का समय है. मेरी यह योजना चीनी सरकार को कोरोना वायरस के बारे में झूठ बोलने के लिए जवाबदेह बनाएगी. इसके जरिए अमेरिकी लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा और अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की भरपाई के लिए चीन पर प्रतिबंध भी लगाया जाएगा. इस योजना के अंतर्गत पैसिफिक डिटरेंस इनिशिएटिव नाम के एक कार्यक्रम के शुरू करने की मांग की गई है. जिसमें 20 बिलियन डॉलर के सैन्य साजो-सामान की फंडिग भी अमेरिका की तरफ से की जाएगी. इस इनिशिएटिव के जरिए क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ सैन्य संबंधों को मजबूत किया जाएगा.

इसके अलावा सेनेटर ने भारत, ताइवान और वियतनाम को स्टेट ऑफ द आर्ट सैन्य उपकरणों के बिक्री को मंजूरी देने की मांग भी की है. उन्होंने जापान और दक्षिण कोरिया को सेना के पुर्नगठन और घातक मिलिट्री साजो-सामान के लिए मदद देने की अपील भी की. उन्होंने अपनी योजना में यह भी कहा है कि चीन में मौजूद सभी अमेरिकी मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों को अपने देश वापस लाया जाए. वहीं, चीन के ऊपर सामान के लिए निर्भरता को खत्म भी किया जाए. उन्होंने कहा कि हमें चीन को अपनी तकनीकी को चोरी करने से भी रोकना होगा और अमेरिकी कंपनियों को हमारे तकनीकी लाभ को हासिल करने के लिए आगे बढ़ाना होगा.