अरबों साल बाद पहली बार बृहस्पति की कक्षा में दिखा ट्रोजन क्षुद्रग्रह

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नई दिल्ली : अपनी तरह का पहला’ ऑब्जेक्ट, जो एक क्षुद्रग्रह और एक धूमकेतु के बीच की कड़ी जैसा लगता है, वह बृहस्पति की कक्षा के पास देखा गया है। खगोलविदों ने बृहस्पति की कक्षा में उसे घूमते हुए देखा है। हवाई यूनिवर्सिटी के द इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी फॉर में एस्ट्रॉयड टेरेस्ट्रियल-इम्पैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम ने खुलासा किया कि धूमकेतु जैसी पूंछ वाला एक नया क्षुद्रग्रह खोजा गया है, जो सूर्य के चारों ओर उसी कक्षा में घूम रहा है, जिसमें बृहस्पति घूमता है।

सक्रिय क्षुद्रग्रहों के रूप में जाने जाने वाली ये वस्तुएं पहले क्षुद्रग्रह प्रतीत होते हैं, लेकिन बाद में धूमकेतु जैसी गतिविधियां विकसित कर लेती हैं जैसे धूमकेतु की तरह की पूंछ। वे आमतौर पर ट्रोजन क्षुद्रग्रह के रूप में जाने जाते हैं। हालांकि, यह धूमकेतु जैसी पूंछ के साथ देखा जाने वाला अपनी तरह का पहला क्षुद्रग्रह है।

ट्रोजन क्षुद्रग्रह को पहली बार जून 2019 में स्पॉट किया गया था और तब उसे 2019 LD2 नाम दिया गया था। उसी ग्रह की तरह ये क्षुद्रग्रह कक्षा का अनुसरण करते हैं, लेकिन कक्षा के साथ 60 डिग्री आगे या पीछे रहते हैं। पृथ्वी, नेपच्यून और बृहस्पति जैसे ग्रहों में एक से अधिक ट्रोजन क्षुद्रग्रह हैं। बृहस्पति ट्रोजन क्षुद्रग्रह सूर्य की परिक्रमा दो विशाल झुंडों में करता है, ग्रह के आगे परिक्रमा करने वाला एक झुंड (जहां 2019 LD2 पाया गया था) और उसके पीछे परिक्रमा करने वाला एक झुंड। बृहस्पति के मजबूत गुरुत्वाकर्षण द्वारा ट्रोजन क्षुद्रग्रहों को इन कक्षाओं में पकड़ लिया गया है।

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