देश में आरएसएस शाखाओं की संख्या बढ़ रही है: मनमोहन

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भुवनेश्वर। देश में आरएसएस शाखाओंकी संख्या में बढौत्तरी हो रही है। पिछले साल के तुलना में देश में 1585 शाखाओंकी बृद्धि हुई है। इस समय देश में 57411 दैनिक शाखायें लग रही है। साथ ही देशभर में 18923 साप्ताहिक मिलन (शाखा) लग रहे हैं। जंहा दैनिक शाखा लगाना सम्भव नहीं हो रहा है वहीं पर साप्ताहिक शाखा लगाए जाते हैं। यह बात आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शहर कार्यवाहक मनमोहन बैद्य ने कही है।
आज से यंहा संघ का तीन दिवसीय राष्ट्रीय मंडल कार्यकारिणी की बैठक शुरू हुई है। इस अवसर पर स्थानीय पत्रकारों से बातचीत करते हुए बैद ने कहा है, कि इस बैठक में ग्रामीण विकास, सामाजिक समरसता, समाज संगठन, कुटुम्ब प्रवोधन और पर्यावरण संरक्षण के बारे में चर्चा होगी।
बैद ने कहा, कि सभा में भीड़ एकत्र करना जितना सहज है हर दिन सुबह शाम एक घंटा देकर शाखा में रहना सहज नहीं होता है। अनुकुलता तो दिख रहा है लेकिन सिर्फ अनुकुलता से काम नहीं बनता है। रोज सुबह शाम एक घंटा समय देने के लिए लोग जब एक होते हैं उसे शाखा कहते हैं। कई लोग कहते हैं, कि 2014 से शाखा कार्य में बढौत्तरी हुई है लेकिन 2009 में स्वयंसेवकों ने कार्य विस्तार की योजना की थी। तब से विशेषकर 2010 से शाखाओंकी संख्या बढ़ रही है।
इस समय स्वयंसवकों में 20 से 35 वर्ष के युवाओं की संख्या अधिक है। तरूण व्यवसायियों की शाखा 29 प्रतिशत है। विद्यार्थियों की शाखा की संख्या 60 प्रतिशत है। आरएसएस से जुड़े कार्यक्रम में 2013 में 28840 लोेंगो ने संघ से जूड़ने का अनुरोध भेजा था। जबकि 14,15,16 में इसकी संख्या 90000 तक पहुंच गई। 2018 में यह संख्या 1 लाख 5 हजार तक पहुची थी। इस साल सितम्बर तक 1 लाख 3 हजार लोग अनुरोध पत्र भेज चुके हैं।
एक सवाल के जवाब में बैद्य ने कहा है, कि अयोध्या में राम मन्दिर बनाये जाने की बात हिन्दुओं की आस्था का विषय है। इसे राजनीतिक मसला नहीं मानना चाहिये। यह मामला इस समय सुप्रीम कोर्ट में है। शीघ्र ही इस पर फैसला आ जाएगा। धारा 370 के सवाल पर बैद्य ने कहा कि यह एक अस्थायी व्यवस्था था। इसे हटा देना चाहिये था। लेकिन पूर्व सरकारों ने ऐसा नहीं किया है। अब की सरकार ने इसे हटाकर सराहनीय काम किया है।