केंद्र सरकार बदलेगी 65 साल पुराना एसेंशियल कमोडिटी एक्ट, अब किसान अपने हिसाब से मूल्य तय कर आपूर्ति और बिक्री कर सकेंगे।

0
90

नई दिल्ली : केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार अब किसानों के हित में एक 65 साल पुराने कानून में बदलाव करने जा रही है। केन्द्र सरकार अब अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दलहन, आलू और प्याज जैसी कृषि उपज को नियंत्रणमुक्त करने के लिए लगभग 65 साल पुरानी आवश्यक वस्तु अधिनियम (एसेंशियल कमोडिटी एक्ट) में संशोधन करने वाली है। इस बात की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पीएम मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज बारे में विस्तार से जानकारी देेने लिए आयोजित प्रेस कॉन्फे्रंस में किया है। केन्द्र सरकार की ओर से संशोधनों के माध्यम से खाद्य उत्पादों के उत्पादन और बिक्री को नियंत्रणमुक्त किया जाएगा, वहीं किसी भी उत्पाद पर स्टॉक सीमा लागू नहीं होगी।

इसका अर्थ है कि अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दलहन, आलू और प्याज जैसी कृषि उपज सामग्री पर सरकार का नियंत्रण नहीं रहेगा और किसान अपने हिसाब से मूल्य तय कर आपूर्ति और बिक्री कर सकेंगे। हालांकि केन्द्र सरकार की ओर से इस संबंध में समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता होने पर नियमों को सख्त किया जा सकता है।