1 जनवरी से भारतीय जहाजों पर सिंगल यूज प्लास्टिक बैन, विदेशी जहाजों को उत्पादों की जानकारी देनी होगी

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नई दिल्ली। डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग (डीजीएस) ने जहाजों पर प्लास्टिक का उपयोग कम करने की दिशा में पहल की है। 1 जनवरी से भारतीय जहाजों पर कई प्रकार के सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, डीजीएस के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब भारतीय जल क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले विदेशी जहाजों को भी ऑनबोर्ड ऐसे उत्पादों के बारे में पूरा विवरण सरकार को देना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर हिरासत में भी लिया जा सकता है।

भारतीय जहाजों पर प्लास्टिक से बनी बोतलें ,बैग, ट्रे, कंटेनर, फूड पैकेजिंग फिल्म, फ्रीजर बैग, आईसक्रीम कंटनेर, हॉट ड्रिंक कप और शॉपिंग बैग का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, 10 लीटर तक के पानी का बोतल ले जाने की अनुमति दी गई है। चिप्स के पैकेट, सिंगल यूज प्लास्टिक से बनी प्लेट और बर्तनों पर भी प्रतिबंध रहेगा।

नियमित सर्वेक्षण का निर्देश जारी

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह नियमित तौर पर सर्वेक्षण करे और यह सुनिश्चित करे कि 1 जनवरी तक किसी भी जहाज पर सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग या संग्रह नहीं हो। विदेशी जहाजों को भी अब अपने सभी सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पादों की जानकारी सरकार को देनी होगी। वे भारतीय जल सीमा में इन उत्पादों का उपयोग नहीं करेंगे। सिंगल यूज उत्पादों को भारतीय बंदरगाहों पर उतारने या उपयोग कि अनुमति नहीं होगी।

‘तटों पर सबसे अधिक प्लास्टिक उत्पाद’

डीजीएस ने अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि तटों की सफाई में ज्यादातर प्लास्टिक उत्पाद मिलते हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पाद मिट्टी, नदियों और जल निकायों को प्रदूषित करते हैं। अंतरराष्ट्रीय मैरिटाइम ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार मरीन प्लास्टिक अपशिष्ट समुद्रों के लिए काफी नुकसानदेह है। कुछ वैज्ञानिकों का दावा है कि 2050 तक समुद्रों में प्लास्टिक की संख्या मछलियों से अधिक हो जाएगी।