चीफ जस्टिस रंजन गोगोई समेत पांच जजों की सुरक्षा बढ़ाई गई

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नई दिल्ली। राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के पहले केंद्र सरकार ने फैसला देने वाले पांच जजों की सुरक्षा की समीक्षा की. गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इस उच्च स्तरीय समीक्षा कमेटी ने बैठक के दौरान पाया कि इन पांचों जजों की सुरक्षा और बढ़ाए जाने की जरूरत है, लिहाजा चीफ जस्टिस रंजन गोगोई समेत पांचों जजों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

सूत्रों ने बताया कि इनमें चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की सुरक्षा जेड कैटेगरी से बढ़ाकर जेड प्लस कर दी गई है जबकि अन्य चारों जजों की सुरक्षा वाई कैटेगरी से बढ़ाकर वाई प्लस कर दी गई है. नई सुरक्षा कैटेगरी मिलने के बाद इन सभी की सुरक्षा में इजाफा हो जाएगा. अमूमन भारतीय सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की सिक्योरिटी जेड कैटेगरी की रहती है. सूत्रों का कहना है रिटायरमेंट के बाद भी चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की सिक्योरिटी बरकरार रहेगी. ध्यान रहे कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई इसी महीने रिटायर होने जा रहे हैं.

देश के सबसे लंबे चले मुकदमे यानी अयोध्या विवाद पर देश की सबसे बड़ी अदालत का फैसला आ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि विवादित जमीन रामलला की है. कोर्ट ने इस मामले में निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि तीन पक्ष में जमीन बांटने का हाई कोर्ट फैसला तार्किक नहीं था. कोर्ट ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ की वैकल्पिक जमीन दी जाए. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को भी वैकल्पिक जमीन देना जरूरी है.