अंतरिक्ष यात्री के रूप में 12 लोगों के नाम पर मुहर, ट्रेनिंग के लिए जाएंगे रूस

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बेंगलुरु। गगनयान से अंतरिक्ष में जाने के लिए यात्रियों के चयन की प्रक्रिया चल रही है और इसे पूरे पेशेवर तरीके से अंजाम दिया जाएगा। यह बात वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कही है। गगनयान इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) की परियोजना है। इसके लिए अंतरिक्ष यात्रियों का चयन इसरो और वायुसेना मिलकर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस परियोजना को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बता चुके हैं। एयर चीफ मार्शल ने बताया कि अंतरिक्ष यात्रियों के चयन का कार्य पेशेवर तरीके से इसरो के विचार-विमर्श से किया जा रहा है। बताया कि इसरो और वायुसेना अंतरिक्ष यान को तैयार करने, उसके भीतर जीवन के लिए आवश्यक इंतजाम करने, कैप्सूल का डिजायन तैयार करने और अंतरिक्ष के लिए आवश्यक दवाओं को तैयार करने के कार्य कर रहे हैं।

वायुसेना अध्यक्ष इंडियन सोसायटी फॉर एयरोस्पेस मेडिसिन के तीन दिवसीय वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर वायुसेना की चिकित्सा सेवा के महानिदेशक एयर मार्शल एमएस बुटोला ने कहा, अंतरिक्ष यात्रा के लिए वायुसेना कर्मियों के चयन की प्रक्रिया का प्रथम चरण पूरा हो चुका है। चयनित लोगों को रूस में प्रशिक्षण दिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया निर्धारित समयानुसार चल रही है।

वायुसेना सूत्रों के अनुसार गगन यात्रा के लिए अंतरिक्ष यात्री के रूप में 12 लोगों की सूची बनाई गई है। इनमें से सात को प्रशिक्षण के लिए रूस भेजा जाएगा। सात लोगों के दल का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पांच लोगों का दूसरा दल प्रशिक्षण के लिए रूस भेजा जाएगा। कई चरणों की प्रक्रिया के बाद इनमें से चार लोगों को अंतरिक्ष यात्री के रूप में तैयार किया जाएगा। जबकि इनमें से एक या दो वास्तव में गगनयान से अंतरिक्ष यात्रा पर जाएंगे। इसरो ने गगनयान की लांचिंग के लिए दिसंबर 2021 का समय घोषित किया है। भारत अपने स्वदेशी अभियान के जरिये पहली बार अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में भेजेगा। अंतरिक्ष जाने वाला यात्री 41 साल तक का हो सकता है।