यूरोपीय सांसदों के कश्मीर दौर पर प्रियंका- मायावती ने उठाए सवाल

0
58

नई दिल्ली। यूरोपीय सांसदों को जम्मू-कश्मीर जाने की अनुमति देने का भारत में राजनीतिक विरोध हो रहा है. विपक्षी नेता मोदी सरकार के इस फैसले पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने यूरोपियन डेलिगेशन के कश्मीर दौरे पर तंज कसा है.
ओवैसी ने कहा कि यूरोपियन पार्लियामेंट के सांसद जो इस्लामोफोबिया के शिकार हैं उन्होंने सही चुनाव किया है, ऐसे लोग मुस्लिम बहुल घाटी जा रहे हैं.
ओवैसी ने दल में शामिल सांसदों को नाजी लवर भी बताया है. ओवैसी ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए मशहूर गाने का जिक्र किया है. ओवैसी ने ट्वीट किया है कि गैरों पर करम अपनों पर सितम, ए जाने वफा ये जुल्म न कर. रहने दे अभी थोड़ा सा धरम. दरअसल यह तंज ओवैसी ने विपक्ष के नेताओं को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर जाने से रोकने पर कसा है. केंद्र सरकार ने विपक्ष के नेताओं को घाटी का दौरा करने से रोका था.

बड़ा अनोखा राष्ट्रवाद है

यूरोपीय सांसदों के कश्मीर दौर पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया है. प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, कश्मीर में यूरोपियन सांसदों को सैर-सपाटा और हस्तक्षेप की इजाजत लेकिन भारतीय सांसदों और नेताओं को पहुंचते ही हवाई अड्डे से वापस भेजा गया! बड़ा अनोखा राष्ट्रवाद है यह.

जम्मू-कश्मीर में संविधान की धारा 370 को समाप्त करने के उपरान्त वहां की वर्तमान स्थिति के आकलन के लिए यूरोपीय यूनियन के सांसदों को जेके भेजने से पहले भारत सरकार अगर अपने देश के खासकर विपक्षी पार्टियों के सांसदों को वहाँ जाने की अनुमति दे देती तो यह ज्यादा बेहतर होता।

सांसदों को वहां जाने की अनुमति देती तो यह ज्यादा बेहतर होता

वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि यूरोपीय सांसदों को कश्मीर भेजने से पहले देश के सांसदों को वहां भेजना चाहिए था. मायावती ने ट्वीट किया, जम्मू-कश्मीर में संविधान की धारा 370 को समाप्त करने के उपरान्त वहां की वर्तमान स्थिति के आकलन के लिए यूरोपीय यूनियन के सांसदों को जेके भेजने से पहले भारत सरकार अगर अपने देश के खासकर विपक्षी पार्टियों के सांसदों को वहां जाने की अनुमति दे देती तो यह ज्यादा बेहतर होता.

विपक्षी नेताओं को रोका था

बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर सरकार के इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. राहुल ने लिखा कि इयू के सांसदों को जम्मू-कश्मीर जाने की इजाजत है, लेकिन भारत के नेताओं या सांसदों को जाने नहीं दिया जा रहा है. इस बात में काफी कुछ गलत है.
राहुल गांधी के अलावा अन्य राजनीतिक दल, यहां तक की भारतीय जनता पार्टी के सुब्रमण्यम स्वामी ने भी ट्वीट कर भारत सरकार के इस फैसले पर सवाल खड़े किए थे और इसे तुरंत वापस लेने को कहा था. गौरतलब है कि इससे पहले देश में कांग्रेस समेत विपक्ष के कई नेताओं ने कश्मीर जाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें श्रीनगर एयरपोर्ट से आगे नहीं बढ़ने दिया गया था.