उन्नाव रेप पीड़िता के परिवार से मिलने पहुंचीं प्रियंका गांधी

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नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा उन्नाव जिले में आग के हवाले की गई बलात्कार पीड़िता की मौत के बाद उसके परिजन से मुलाकात की. परिवार से मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने कहा, ‘पीड़िता के पूरे परिवार को पिछले एक साल से लगातार परेशान किया जा रहा था. मुझे सुनने को मिला है कि दोषियों के भाजपा से कनेक्शन हैं. इसलिए वे अभी तक बचे हुए थे. राज्य में अपराधियों के बीच कोई डर नहीं है. मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है, लेकिन उन्होंने राज्य को क्या बना दिया. मुझे लगता है कि यहां महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है.’
प्रियंका उत्तर प्रदेश की अपनी दो दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को लखनऊ पहुंची थीं. इससे पहले, प्रियंका ने ट्वीट किया ‘मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि वह उन्नाव पीड़िता के परिवार को दुख की इस घड़ी में हिम्मत दे.’ उन्होंने कहा, ‘यह हम सबकी नाकामयाबी है कि हम उसे न्याय नहीं दे पाए. सामाजिक तौर पर हम सब दोषी हैं लेकिन यह उत्तर प्रदेश में खोखली हो चुकी कानून व्यवस्था को भी दिखाता है.’

साथ ही प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘उन्नाव की पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पीड़िता को तत्काल सुरक्षा क्यों नहीं दी? जिस अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज करने से मना किया, उस पर क्या कार्रवाई हुई? उत्तर प्रदेश में रोज-रोज महिलाओं पर जो अत्याचार हो रहा है, उसे रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है?’

पीड़िता को गुरुवार को उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ से एयरलिफ़्ट कर दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. सफ़दरजंग अस्पताल में पीड़िता के लिए अलग आईसीयू बनाया गया था. जहां डॉक्टरों की एक टीम लगातार निगरानी कर रही थी. लेकिन आख़िरकार उसे बचाया नहीं जा सका. उधर, रेप पीड़िता के रिश्तेदारों ने आरोप लगाया है कि लड़की के जलाए जाने के बाद से उन्हें लगातार धमकी दी जा रही है. और ये धमकी वो दे रहे हैं जिन आरोपियों ने उसे जलाया था.

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे आग के हवाले करने से पहले उसके साथ मारपीट की गई और चाकू से गोदा गया. हमला करने वाले वही लोग थे, जिन पर उससे रेप करने का आरोप था. वह अपने रेप मामले में कोर्ट की सुनवाई के लिए रायबरेली जा रही थी, तभी पांच लोगों ने उसे घेरकर आग के हवाले कर दिया. जब पीड़िता को दिल्ली शिफ्ट किया जा रहा था, तो वह पूरे रास्ते होश में थी, और उसने पांचों आरोपियों की पहचान करते हुए पुलिस को बयान दिया.
पीड़िता ने पुलिस को बताया, ‘तड़के चार बजे मैं रायबरेली के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे स्टेशन जा रही थी. पांच लोग (उसने नाम भी बताए) मेरा इंतजार कर रहे थे. उन्होंने मुझे घेर लिया और पहले डंडे से मेरे पांव पर मारा और फिर मेरी गर्दन पर चाकू वार किया. उसके बाद उन्होंने मुझ पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी.’ साथ ही उन्होंने बताया, ‘जब मैंने चिल्लाना शुरू किया तो भीड़ इकट्ठा हो गई और पुलिस को बुलाया गया.’