महा चक्रवाती तूफान को लेकर लोग चिन्ता में

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भुवनेश्वर.- उत्तरी आंडामान सागर में सृष्ट चक्रवात अगले २४ घर्टों में तूफान बनकर कहर बरपा सकता है। यह चक्रवात इस समय दक्षिण-पूर्व बंगोपसागर में पारादीप से ९५० किलोमीटर की दूरी पर है। लेकिन २४ घंटों के बाद यह तूफान बनकर ओिड़शा व पश्चिमबंग के तट को छू सकता है। अगर ऐसा हुआ तो ओिड़शा व पश्चिमबंग के तट्टीय इलाकों में प्रति घंटा ५० से १०० किमी या इससे अधिक रपÌतार में हवा चलने की सम्भावना है। इसकी प्रभाव से अगले ८ तारीख से बारीश होने वाली है। ९ तारीख से भारी बारीश होने की सम्भावना है। इससे सतर्क रहने के लिए राज्य के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप कुमार जेना ने मंगलवार को १५ जिलों के जिलाधिशों को पत्र लिखा है।
भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) के डीजी मृत्यूंजय महापात्र के मुताबिक अगले ८ तारीख तक सभी मछुआरों को समुद्र से वापस आ जाने के लिए कहा गया है। क्यों कि समुद्र में गहरे दबाव रहेंगे।
राज्य के विशष आयुक्त प्रदीप कुमार जेना ने मंगलवार को एक पत्रकार सम्मेलन में कहा है कि तूफान के बारे में इस समय कोई स्पष्ट चित्र नहीं मिला है। तूफान का ओािड़शा तट पर कहर बरपाने की आशंका कम है। यह पश्चिम बंगाल या बंगलादेश की ओर रूख कर सकती है। इसके बारे में २४ घण्टों के बाद स्पष्ट चित्र दिया जा सकता है। लेकिन अगले ९ तारीख से राज्य के कई जिलों में भारी बारीश होगी व समुद्र अशान्त रहने वाला है। राज्य सरकार इस समय राज्य की जनता को बारीश से बचने बचाने पर जोर दे रही है। आज १५ जिले बालेश्वर, भद्रक, केन्द्रापडा, जगतसिंहपुर, गंजाम, पुरी, कोरापुट, गजपति, नवरंगपुर, रायगडा, कलाहांडी, बौध, कन्ध्माल,नूआपड़ा व मालाकानगिरी के जिलाधिशों को खत लिखकर बारीश व सम्भावित हवा के लिए ऐहतियातन कदम उठाने के लिए निर्देश दिया गया है। विशेषकर बाढ व पानी निष्कासन पर अधिक ध्यान केन्दिरत करने के लिए कहा गया है।