नन्दनकानन में फिर हुई एक बाघ की मौत

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भुवनेश्वर.– नन्दनकानन चिड़ियाघर में फिर एक बाघ की मौत हो गई। नन्दनकानन के उपनिदेशक जयन्त कुमार दास के मुताबिक बाघ की मौत आज दिन के १० बजकर ४५ मिनट पर हुई । मृतक बाघ का रंग सफेद था। इसलिए नन्दनकानन के कर्मचारियों ने उक्त बाघ का नाम े शुभ्रंशु रखा था। यह सफेद बाघ २८ जुलाई २०१४ को नन्दनकानन के मनीष व स्नेहा से पैदा हुआ था।
उपनिदेशक दास के मुताबिक शुभ्रंशु पिछले एक महिने से गुर्दे की बीमारी से पीिड़त था। गत शनिवार को जब वह अकस्मात गिर पडा तो उसे चिडियाघर के अस्पाताल में भर्ती कराया गया था। उसका इलाज ओडिशा कृषि व तकनीकि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा था। शनिवार से शुभ्रंशु खाना नहीं खा रहा था।
शुभ्रंशु की मौत के बाद नन्दन कानन में बाघों की संख्या २६ से २५ हो गई हंै। इस समय नन्दनकानन में १२ पुरूष व १३ मादा बाघ हंै।
लेकिन शुभ्रंशु की मौत के पिछे हार्पीस किटाणु है या नहीं इस बारे में अभी कोई सूचना नहीं मिली है। उपनिर्देशक दास के मुताबिक मामले की जाच की जा रही है।