ओडिशा: मकर संक्रांति पर रही धूम

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भुवनेश्वर.- आज राज्यभरमें पवित्र मकर संक्रान्ती मनायी गयी। विश्वास है कि आज के दिन सूर्य देबता उनके पूत्र शनी देबता के घर पर पधारते हैं। शनी देव मकर राशी के देवता हैं। इसलिए आज के दिन को और भी पवित्र माना जाता है। आज Ìप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमन्त्री नवीन पटनायक व केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने राज्य की जनता को मकर संक्रान्ती के लिए शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इसके लिए अपनी ट्वीटर में एक रंगीन चीत्र का भी पोष्ट किया है। इसमें दो पतंग हैं। आज राज्य भर में विशेषकर कटक में लोगों को दिन भर पतंग उडाते हुए देखा गया है।
आज सूर्य देवता को समर्पित इस उत्सव में लोगों ने कई स्थान जैसे कि पुरी के महोदधी समुद्रतट, कोणार्क के चन्द्रभागा के पास के सागर, विभिन्न तलाव जैसे कि भुवनेश्वर के विन्दु सागर, पुरी के इन्द्रद्यूम्न व दूसरे तलाव, कटक के महानदी, काठजोड़ी, जाजपुर में बैतरणी, भद्रक में शालन्दी, सम्बलपुर में महानदी, राउरकेला में बेदव्यास के तट पर ब्रह्मणी नदी में डुबकि लगाई है व सूर्य को अर्घ्य दिया है। । खुद जगदगुरू शंकराचार्य निश्चलानन्द सरस्वति ने आज सागर द्वीप में स्नान करते हुए उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया है।
आज ओिड़शा में एक प्रकार का विशेष प्रसाद बनता है जिसे मकर चाउल कहा जाता है। नये चावल में बनी इस प्रसाद को काफी पवित्र माना जाता है। यह न सिर्फ घर पर बल्कि कई देवालय, सामाजिक संगठन आदी में बनाया जाता है।
आज पुरी के जगन्नाथ मन्दिर में इसे काफी पवित्रता के साथ रीति नीति के आधार पर मनाया गया है। इसी दिन देबताओंको मकर चौराशी बेश किया जाता है। फिर महाप्रभु के लिए बनाया गया विशेष प्रसाद मकर चाउल कों लेकर मन्दिर प्रिक्रमा किया जाता है। मकर संक्रान्ती में जगन्नाथ मन्दिर में मकर बेढा नीति का आयोजन होता है। इसी दिन महाप्रभु को ओडिया मठ से फूल, जगन्नाथ बल्लभ मठ से मकर चाउल व आलम चन्डी मन्दिर से ताड भेजा जाता है।
आज लाखों लोगों ने पुरी के जगन्नाथ मन्दिर, कोणार्क के सूर्य मन्दिर के साथ विभिन्न मन्दिर में जाकर पूजार्चना की है व मकर चाउल प्रसाद सेवन किया है।