अयोध्या पर फैसले से पहले कई शहरों में इंटरनेट सेवा बंद, सोशल मीडिया पर नजरें

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नई दिल्ली। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के पहले ऐहतियात के तौर पर कई शहरों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने कहा कि स्थिति सांप्रदायिक व संवेदनशील होने के मद्देनजर और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए अन्य जिलों में भी इंटरनेट सेवा बंद की जा सकती है.

उन्होंने कहा, हमारे सोशल मीडिया सेल इंटरनेट पर उन 673 लोगों पर लगातार नजर रख रहे हैं, जिनकी पोस्ट या टिप्पणियां परेशानी का सबब बन सकती हैं. हमारे पुलिसकर्मियों ने जिले, पुलिस स्टेशन और स्थानीय स्तर पर संभावित खतरों और हॉट स्पॉट की पहचान की है. हमने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 31 संवेदनशील जिलों की पहचान की जैसे-आगरा अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और अन्य.

हवाई निरीक्षण भी जारी

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि अयोध्या में पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात किया गया है. हवाई निरीक्षण भी किया जा रहा है. इंटेलिजेंस मशीनरी भी काम पर लगी हुई है और औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है. सुरक्षा इंतजामों पर नजर रखने के लिए अयोध्या में एक एडीजी रैंक के अफसर की तैनाती की गई है.

10 हजार बैठकें की गईं

अयोध्या मामले पर फैसले से पहले उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा, हमने सुरक्षा को लेकर चाक-चैबंद इंतजाम किए हैं. राज्य के धार्मिक नेताओं और नागरिकों के साथ 10 हजार बैठकें की गई हैं. लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाएं.

पैरामिलिट्री फोर्स की 60 कंपनियां

उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी आशुतोष पांडे ने कहा कि पैरामिलिट्री फोर्स की 60 कंपनियां, आरपीएफ और पीएसी और 1200 पुलिस कॉन्स्टेबल, 250 सब-इंस्पेक्टर्स, 20 डिप्टी सुप्रिटेंडेंट और 2 एसपी की तैनाती की गई है. डबल लेयर बैरिकेडिंग, पब्लिक अड्रेस सिस्टम लगाया गया है. साथ ही 35 सीटीटीवी और 10 ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है. लोगों के रामलला के दर्शनों पर कोई पाबंदी नहीं है. सभी मार्केट खुले हैं और स्थिति पूरी तरह सामान्य है.