देश के सभी राज्यों में लागू हो एनआरसीः संघ

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भुवनेश्वर: आरएसएस कार्यकारी मंडल की बैठक में समान आचार संहिता, राम मंदिर व एनआरसी जैसे गंभीर मुद्दों पर संघ ने अपना रुख स्पष्ट किया। बंगाल हिंसा वामपंथी सरकार की दें बताया। ममता सरकार के रवैये संघ नर्म रहा। संघ का मानना है कि पूरे देश में एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन) लागू करने के पक्ष में है। एनआरसी लागू करने की परम आवश्यकता है। अभी यह सिर्फ असम तक है।

आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारी मंडल की बैठक के बाद प्रवक्ता के रूप में मीडिया को जानकारी देने को उपस्थित हुए सर कार्यवाह भैय्याजी जोशी ने बताया कि किसी भी सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह घुसपैठियों की पहचान करके उचित कार्रवाई करे। अभी तक यह प्रयोग केवल असम में हुआ है। बाकी प्रदेशों में भी किया जाना चाहिए।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर सवाल के जवाब में भैय्या जी जोशी ने कहा कि संघ शुरू से ही इस पक्ष मे रहा है कि मंदिर निर्माण में आने वाली सभी बाधाएं दूर की जानी चाहिए। उनका कहना है कि अब जब उच्चतम न्यायालय में सुनवायी पूरी हो चुकी है। उन्हें विश्वास है कि फैसला मंदिर निर्माण के पक्ष में ही आएगा।

न्यायालय के बाहर मामला सुलझाने के प्रयास पर उनका कहना था कि सद्भावना के दृष्टिगत प्रयास किए गए हैं। यदि यह मामला न्यायालय के बाहर हल हो जाता तो विश्व में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी होती। फिलहाल तो सबको निर्णय का इंतजार है।

समान आचार संहिता लागू किए जाने के सवाल में भैय्याजी जोशी ने कहा कि यह मांग काफी पुरानी है। संविधान निर्माण के दौरान ही इस पर फैसला हो जाना चाहिए। यह सबके हित में है और किसी भी देश में समान नागरिक आचार संहिता से देश के नागरिकों को भला होता।

कश्मीरी पंडितों की वापसी पर भैय्या जी जोशी का कहना है कि सुरक्षा कारणों से उन्हें पलायन करना पड़ा। अब उनकी वापसी का वातावरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि अखंड भारत उनका सपना है। देश की सांस्कृतिक धारा एक ही है। बंगाल हिंसा को खेदजनक बताते हुए उन्होंने कहा कि वामपंथी सरकार के समय से ही हिंसा दौर चल रहा है जो कि अभी भी जारी है।