एसएपीबी से कोई राइफल गायब नहीं: केरल पुलिस

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तिरुवनंतपुरम, नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यहां विशेष सशस्त्र पुलिस बटालियन (एसएपीबी) में 25 इंसास राइफल और 12,061 कारतूस कम पाए जाने के कुछ दिन बाद केरल पुलिस ने सोमवार को कहा कि भौतिक सत्यापन में कोई राइफल गायब नहीं मिली है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध प्रकोष्ठ) तोमिन थाचंकेरी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘क्योंकि कैग बहुत ही जिम्मेदार लेखापरीक्षण एजेंसी है और उसके आरोप को काफी गंभीरता से लिए जाने की आवश्यकता है। रिपोर्ट के अनुसार मामला दर्ज किया गया है।’’
उन्होंने कहा कि मामले में सब कुछ साफ करने की जिम्मेदारी एसएपीबी की है क्योंकि आरोप उसके खिलाफ हैं।
थाचंकेरी ने कहा कि बटालियन से कहा गया था कि वह अपनी सभी राइफलें निरीक्षण के लिए प्रस्तुत करे।
उन्होंने कहा कि बल के 13 प्रतिष्ठानों से लाई गईं 647 राइफलों के भौतिक सत्यापन से पता चला कि कोई राइफल गायब नहीं है।
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘13 स्थलों से कम से कम 647 राइफलें रविवार को शिविर लाई गईं और इनका भौतिक सत्यापन तथा प्रारंभिक जांच की गई।’’
प्रत्येक राइफल के ‘बॉडी नंबर’ का भौतिक सत्यापन और रिकॉर्ड से इसका मिलान किया गया। इसके बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि कोई राइफल गायब नहीं है।
तेरह राइफल मणिपुर आईआर बटालियन में हैं।
थाचंकेरी ने कहा, ‘‘हमने वीडियो कॉन्फ्रेंस की और इनके बॉडी नंबर की जांच की गई तथा रिकॉर्ड से मिलान किया गया। पुलिसकर्मी मार्च में जब मणिपुर में प्रशिक्षण से लौटेंगे तो इसकी एक बार फिर जांच की जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि हालांकि गायब कारतूसों के बारे में जांच जारी है।
कैग ने 12 फरवरी को राज्य विधानसभा में रखी गई रिपोर्ट में यहां एसएपीबी में 5 . 56 एमएम की 25 इंसास राइफल और 12,061 कारतूस कम पाए थे।
इसमें लग्जरी वाहन खरीदने तथा कोष का अन्य मद में इस्तेमाल कर विला निर्माण करने तथा नियमों के उल्लंघन को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहेरा की आलोचना की गई थी।
तिरुवनंतपुरम, नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यहां विशेष सशस्त्र पुलिस बटालियन (एसएपीबी) में 25 इंसास राइफल और 12,061 कारतूस कम पाए जाने के कुछ दिन बाद केरल पुलिस ने सोमवार को कहा कि भौतिक सत्यापन में कोई राइफल गायब नहीं मिली है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध प्रकोष्ठ) तोमिन थाचंकेरी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘क्योंकि कैग बहुत ही जिम्मेदार लेखापरीक्षण एजेंसी है और उसके आरोप को काफी गंभीरता से लिए जाने की आवश्यकता है। रिपोर्ट के अनुसार मामला दर्ज किया गया है।’’
उन्होंने कहा कि मामले में सब कुछ साफ करने की जिम्मेदारी एसएपीबी की है क्योंकि आरोप उसके खिलाफ हैं।
थाचंकेरी ने कहा कि बटालियन से कहा गया था कि वह अपनी सभी राइफलें निरीक्षण के लिए प्रस्तुत करे।
उन्होंने कहा कि बल के 13 प्रतिष्ठानों से लाई गईं 647 राइफलों के भौतिक सत्यापन से पता चला कि कोई राइफल गायब नहीं है।
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘13 स्थलों से कम से कम 647 राइफलें रविवार को शिविर लाई गईं और इनका भौतिक सत्यापन तथा प्रारंभिक जांच की गई।’’
प्रत्येक राइफल के ‘बॉडी नंबर’ का भौतिक सत्यापन और रिकॉर्ड से इसका मिलान किया गया। इसके बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि कोई राइफल गायब नहीं है।
तेरह राइफल मणिपुर आईआर बटालियन में हैं।
थाचंकेरी ने कहा, ‘‘हमने वीडियो कॉन्फ्रेंस की और इनके बॉडी नंबर की जांच की गई तथा रिकॉर्ड से मिलान किया गया। पुलिसकर्मी मार्च में जब मणिपुर में प्रशिक्षण से लौटेंगे तो इसकी एक बार फिर जांच की जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि हालांकि गायब कारतूसों के बारे में जांच जारी है।
कैग ने 12 फरवरी को राज्य विधानसभा में रखी गई रिपोर्ट में यहां एसएपीबी में 5 . 56 एमएम की 25 इंसास राइफल और 12,061 कारतूस कम पाए थे।
इसमें लग्जरी वाहन खरीदने तथा कोष का अन्य मद में इस्तेमाल कर विला निर्माण करने तथा नियमों के उल्लंघन को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहेरा की आलोचना की गई थी।