एनएमआरसी – केंद्र सरकार से निर्देश मिलते ही अगले सप्ताह से नोएडा में चल सकती है मेट्रो, नियम होंगे सख्त 

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नोएडा : नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच अगले सप्ताह से मेट्रो चलाने की तैयारी पूरी कर ली गई है. 15 मई यानि शुक्रवार को एनएमआरसी अधिकारियों ने एक्वा लाइन पर स्थित स्टेशनों ओर मेट्रो ट्रेन से जुड़ी व्यवस्थाएं देखीं और कहा कि सभी तैयारियां पूरी हैं और केंद्र सरकार से निर्देश मिलते ही मेट्रो शुरू कर दी जाएगी. दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे देश में 22 मार्च से मेट्रो का संचालन बंद है. शहर में डीएमआरसी नोएडा रूट पर ब्लू और मजेंटा लाइन पर मेट्रो का संचालन करती है जबकि नोएडा-ग्रेनो के बीच एक्वा लाइन पर मेट्रो का संचालन एनएमआरसी करती है. लॉकडाउन के चलते इन सभी रूट पर मेट्रो का संचालन बंद है.

लॉकडाउन-4 के तहत मेट्रो के चलने को मंजूरी मिलने की संभावना दिख रही है. इस संभावना को देखते हुए डीएमआरसी के साथ-साथ एनएमआरसी ने भी मेट्रो चलाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है. एनएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को बैठक कर अधिकारियों ने स्टेशन और मेट्रो कोच के अंदर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया . मेट्रो और स्टेशनों पर सवारियों के बीच एक निश्चित दूरी बनाए रखने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं. इसके लिए हर स्टेशन, प्लेटफार्म और कोच में करीब 10 कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा जिससे कोविड-19 से बचाव के सोशल डिस्टेन्सिंग और अन्य नियमों का पालन हो सके.

नोएडा-ग्रेनो रूट के लिए 19 ट्रेन हैं. इनमें से 14 ट्रेन रोजाना चलाई जाती हैं और बाकी ट्रेन रिजर्व में रखी जाती हैं. एक ट्रेन में 6 कोच हैं. अधिकारियों ने बताया कि लॉकडाउन से पहले इस लाइन पर शनिवार और रविवार को छोड़कर व्यस्त समय में साढ़े सात और बाकी समय में 10 मिनट के अंतराल पर मेट्रो चलाई जाती थी लेकिन अब कुछ समय तक पूरे दिन 15-15 मिनट के अंतराल पर मेट्रो चलाने की तैयारी है. शासन से अनुमति मिलने के बाद ही मेट्रो संचालन शुरू होगा.

स्टेशन और प्लेटफार्म पर बनाए गए निश्चित बॉक्स में ही लोगों को खड़ा रहने की बात की गई है. मेट्रो और परिसर में थूकने पर 500 और अधिकतम 1 हजार का जुर्माना लगेगा. सिर्फ दिव्यांग और बुजुर्गों को छोड़ कर किसी को लिफ्ट का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी. लिफ्ट में एक बार में सिर्फ तीन लोग ही जा सकेंगे. रितु माहेश्वरी, एमडी ने कहा है कि मेट्रो चलाने के लिए एनएमआरसी पूरी तरह से तैयार है और सरकार से निर्देश मिलते ही नियमों के तहत मेट्रो को चलाना शुरू कर दिया जाएगा. मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु एप होने पर ही प्रवेश मिलेगा. हर सवारी को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही यात्रा की अनुमित दी जाएगी. सवारी के चेहरे पर मास्क होना अनिवार्य होगा. कोरोना के लक्षण दिखने पर सफर नहीं करने दिया जाएगा और तुरंत मेडिकल टीम बुलाई जाएगी.

इस लाइन पर 21 स्टेशन हैं जिनमें से भीड़भाड़ वाले 6 स्टेशन पर 1 गेट से निकासी और दूसरे गेट से प्रवेश की सुविधा है. अन्य 15 स्टेशनों पर एक ही गेट से प्रवेश ओर निकास की व्यवस्था होगी. स्टेशन के बाहर से ही लाइन लगवाकर लोगों को अंदर टोकन काउंटर तक आने दिया जाएगा.

एक कोच में 40 से 50 लोग ही सफर कर सकेंगे. अभी एक कोच में 120 सवारी के सफर की क्षमता है. लॉक डाउन के बाद अब एक कोच में 30 से 40 प्रतिशत सवारी को प्रवेश करने दिया जाएगा यानि एक कोच में 40 से 50 लोग ही सफर कर सकेंगे. एक-एक सीट छोड़कर यात्रियों को बैठाया जाएगा और खड़े होनी वाली सवारियों में भी दूरी बनाकर रखी जाएगी.