मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार की हुई घोषणा, जानें नोबेल पुरस्कार से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

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नई दिल्ली : मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो गई है. इस बार जेम्स पी एलिसन और तासुकु होंजो को संयुक्त रूप से यह पुरस्कार दिया जाएगा. बता दें इन दोनों शख्सियत को नेगेटिव इम्यून रेग्यूलेशन के इनहिबिशन के जरिए कैंसर थेरेपी की खोज के लिए यह पुरस्कार दिए गए हैं.

इस घोषणा के साथ ही नोबेल पुरस्कार की घोषणा शुरू कर दी गई है. हालांकि, इस बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिए जाने का फैसला किया गया है. पिछले 70 साल में पहली बार ऐसा है कि साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा.

बहरहाल, नोबेल पुरस्कारों में दिलचस्पी रखने वालों में इस बात पर चर्चा हो रही है कि प्रत्याशियों की बड़ी संख्या को देखते हुए चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, शांति और अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार किन लोगों को दिए जाएंगे.

जीवित लोगों को ही मिलता है ये पुरस्कार

केवल जीवित लोगों को ही नोबेल पुरस्कार दिया जा सकता है. लेकिन तीन व्यक्ति ऐसे हैं जिन्हें मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया. सबसे पहले 1931 में एरिक एक्सल कार्लफेल्ट को साहित्य के लिए और फिर तीस साल बाद 1961 में डाग हामरशोल्ड को शांति पुरस्कार दिया गया.

इन दोनों की मौत नामांकन और पुरस्कार दिए जाने के बीच हुई. तीसरी बार 1974 में फिर ऐसा हुआ तो उसके बाद से नियम ही बदल दिया गया था.

इन्हें दो बार मिला नोबेल

मैरी क्यूरी एकमात्र महिला हैं जिन्हें दो बार नोबेल पुरस्कार मिला, 1903 में रेडियोएक्टिविटी समझने के लिए फिजिक्स में और 1911 में पोलोनियम व रेडियम की खोज करने के लिए केमिस्ट्री में मिला.

एल्फ्रेड नोबेल की याद में दिया जाता है ये पुरस्कार

डायनामाइट का आविष्‍कार एल्फ्रेड नोबेल की याद में हर साल साहित्य नोबेल पुरस्कार अवॉर्ड दिया जाता है.

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