मो सरकार का अफसरों पर वार, सुधरो वरना कार्रवाई बारंबार

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भुवनेश्वर। ओडिशा में जन-जन को यह एहसास कराने के लिए कि सरकार उनकी है, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा जारी मो सरकार (मेरी सरकार) से व्यवस्था की सच्चाई सामने आने लगी है। सुंदरगढ़ जिला अस्पताल में घोर लापरवाही पाए जाने पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कल निलंबित कर दिया गया। जिला कलक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इस कार्रवाई से जन सुविधाओं पर लापरवाही बरतने वाले विभागों के अफसरों पर नवीन सरकार की सख्ती से जनता के बीच सख्त संदेश गया है। सुंदरगढ़ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का निलंबन, जिलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाने से इस सख्ती की शुरुआत की गयी है। मो सरकार की घोषणा के बाद भी स्वास्थ विभाग में लापरवाही का पहला उदाहरण तो यही था कि भुवनेश्वर स्थित सरकारी अस्पताल में एक प्रसूता ने फुटपाथ ने बच्चे को जन्म दिया। इस प्रसूता को लेबर रूम से लौटा दिया गया था। सरकार की 5टी मंत्र की टीम के अफसर राज्यव्यापी दौरे पर हैं।

पटनायक ने अपनी सरकार को जनता के द्वार तक पहुंचाने के लिए 5टी का मंत्र दिया है जिसका अर्थ ट्रांसपेरेंसी, टीमवर्क, टेक्नोलॉजी, टाइम और ट्रांसफार्मेशन। 5टी के लिए पटनायक ने अपना सबसे विश्वासपात्र अधिकारी वीके पांडियन को प्रभार सौंपा। वह अपने कार्य के साथ ही 5टी सचिव कहे जाने लगे। पटनायक ने मो सरकार की शुरुआत दो अक्टूबर को की थी। तब उन्होंने भुवनेश्वर के सरकारी अस्पताल से फोन पर लोगों की कॉल अटैंड की और जवाब दिया।

इसी अस्पताल में 11 अक्टूबर को एक प्रसूता को लेबर रुम में प्रवेश नहीं दिया गया था। नतीजतन उसने फुटपाथ पर शिशु को जन्म दिया। लोगों ने 5टी योजना पर सवाल उठाने खड़े कर दिए। पेट में दर्द के कारण उसे रात में परिजन अस्पताल लाए थे। हालांकि डाक्टरों ने लेबर रूम से लौटाने की बात से इंकार कर दिया है। इस घटना के बाद फोकस स्वास्थ सेवाओं पर है। सीएम के निर्देश पर 5टी के प्रभारी सचिव पांडियन के साथ टीमों ने कोरापुट, मलकानगिरि, नवरंगपुर, बौद्ध, क्योंझर, सुंदरगढ़ आदि जिलों का दौरा किया है।

सुंदरगढ़ में सरकारी अस्पताल में अव्यवस्था पाए जाने पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी पंकज पटेल को निलंबित कर दिया तथा मो सरकार को प्रभावी न बना पाने वाले कलक्टर निखिल पवन कल्यान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पांडियन का कहनाहै कि मो सरकार के उद्देश्य के विपरीत काम करने वाले अधिकारी कर्मचारी बख्शे न जाएंगे। हालांकि अधिकारियों ने निलंबन और कारण बताओ नोटिस को न्यायोचित ठहराते हुए कहा कि अस्पतालों में अभी सर्विस वांछित जरूरतों के मुताबिक नहीं हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी पंकज पटेल ने कहा कि उन्होंने कोई लापरवाही नहीं की। एक-एक मरीज की केयर की जा रही है।

अस्पताल के वरांडा में महिला जुड़वां को जन्म दिया

भद्रक. जहां एक ओर मुख्यमंत्री 5टी मंत्र के आधार पर चलायी जा रही मो सरकार योजना में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है वहीं भद्रक में जिला अस्पताल के बाहर एक महिला ने अस्पताल वरांडा में जुड़वाँ बच्चों को जन्म दिया। इससे पहले ही 11 अक्टूबर को भुबनेश्वर के कैपिटल अस्पताल के बाहर महिला ने बच्चे को जन्म दिया था। ये घटनाएं तब हो रही हैं जब राज्य की अफसरशाही जिलों का दौरा कर रही है। जानकारी के अनुसार तिहड़ी ब्लॉक के तलादमुका गांव की महिला रानूलता खिलार (32) पत्नी दामोदर खिलार (32) प्रसव पीड़ा में छटपटाती जिला अस्पताल पहुंची। डॉक्टर ने उसे कटक एससीबी मेडिकल कालेज यह कहते हुए रिफर कर दिया कि जिला अस्पताल में प्रसव की समुचित व्यवस्था नहीं है। ब्लड टेस्ट भी मेडिकल कालेज में कराना होगा। इस महिला के पति दामोदर ने बताया कि उसने 108 नंबर पर डायल करके एम्बुलेंस मांगी। पर दो घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई। इस बीच प्रसव पीड़िता ने दो बच्चों को जन्म दिया। एसडीएम ने बताया कि मामला गंभीर है। जांच के आदेश दिए गए हैं। जिसकी भी गलती होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।