अम्फान से पश्चिम बंगाल में भारी तबाही, ममता बोलीं ‘सर्वनाश’

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पश्चिम बंगाल : अत्यधिक भीषण चक्रवाती तूफान अम्फान बुधवार दोपहर ढाई बजे के करीब पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों से टकराया. तेज हवा और भारी बारिश लेकर आए तूफान के कारण कच्चे मकान, बिजली के खंभे, पेड़ और ट्रैफिक सिग्नल उखड़ गए. बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ने सुंदरबन क्षेत्र में खासी तबाही मचाई. इसके अलावा दक्षिण और उत्तर 24 परगना, कोलकाता, हावड़ा, हुगली, मिदनापुर में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई.

पश्चिम बंगाल के अलावा ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं. तेज हवाओं के कारण दोनों ही राज्यों में हजारों पेड़ गिर गए हैं, संचार और बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुईं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकारों से कहा है कि तूफान के कारण संचार सेवा बाधित हो गई है. उन्होंने कहा कि कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है.

बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सचिवालय में अम्फान को लेकर बने कंट्रोल रूम में खुद मौजूद थीं. ममता के मुताबिक तेज हवाओं के कारण कई पेड़ गिरने से लोगों की मौत की आशंका है. ममता के मुताबिक, “कोविड-19 महामारी से ज्यादा हम इस तूफान से नुकसान और तबाही झेल रहे हैं.” उन्होंने कहा, “कोविड-19 के कारण अर्थव्यवस्था बुरी हालत में है. चक्रवात ने सबकुछ बर्बाद कर दिया. उत्तर और दक्षिण 24 परगना और सुंदरबन क्षेत्र पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं. इन हालात में हमें मदद की जरूरत है. मैं केंद्र से कहना चाहती हूं कि राजनीति नहीं करे और हमारी मदद करे.”

तूफान के दौरान कोलकाता में हवा की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रही. यही नहीं कोलकाता में तीन घंटे में 180 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है और कई इलाकों में पानी भर गया. तेज हवाओं के कारण पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कच्चे मकान और दीवारें गिर गईं.

उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ घंटे में तूफान पूरी तरह से थम जाएगा. उसके बाद ही तबाही के वास्तविक आंकड़े सामने आ पाएंगे. संचार व्यवस्था ठप्प हो जाने के कारण दूर दराज के इलाकों से राज्य सरकारों को रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है. गुरुवार सुबह तक कोलकाता, हावड़ा, हुगली, दक्षिण और उत्तर 24 परगना और मिदनापुर में तेज हवाएं चल रही थीं और बारिश भी हो रही थी.

एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता और ओडिशा में राहत बचाव कार्य शुरू किया गया है. सड़कों पर गिरे पेड़ों को काटकर हटाया जा रहा है. तूफान के तटीय इलाकों से टकराने से पहले पश्चिम बंगाल में 5 लाख से अधिक लोगों को निकाला गया तो ओडिशा में डेढ़ लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था.

पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी अम्फान ने तबाही मचाई है. चक्रवात के कारण वहां कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई. बांग्लादेश में करीब 24 लाख लोगों को 15,000 से अधिक शिविरों में इस चक्रवात से सुरक्षित बचाने के लिए रखा गया है. बांग्लादेशी अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक बाढ़ संभावित द्वीप में रहने वाले रोहिंग्या शरणार्थियों को भी शिविर में पहुंचा दिया गया है. अधिकारियों को डर है कि चक्रवात के कारण खड़ी फसल बर्बाद हो गई होगी और साथ ही उपजाऊ जमीन को भी नुकसान होने का अंदेशा है.

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