महाशिवरात्रि : लिंगराज मन्दिर में रात १० बजे जलेगा महादीप

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भुवनेश्वर.- शिवभक्तों की आस्था के केन्द्र स्थानीय लिंगराज मन्दिर में सुबह से भारी भीड़ लगी हुई है। पुरी के लोकनाथ मन्दिर, ढ़ेंकानाल जिले के कपिलाश स्थित चन्द्रशेखर मन्दिर में महाशिवरात्रि पर सुबह से ही पूजा अर्चना कर रहे हैं। इस साल महाशिवरात्रि के मौके पर ५९ साल बाद एक दुर्लभ योग बन रहा है। इस दिन शनि और चन्द्र, मकर राशि में होंगे। इसलिए एकाम्र क्षेत्राधीश्वर श्रीश्री लिंगराज महादेव का जलाभिषेक व पूजन करने के लिए हजारों भक्त पहुचे हैं। सभी मन्दिर के अन्दर जाने के लिए लम्बी कतार में खड़े हैं।
लिंगराज मन्दिर राज्य के प्राचीनतम मन्दिरों में से एक है। इसे ललाटेन्दु केशरी ने ६१७ से ६५७ के बीच बनवाया था। इसके कुछ हिस्से १४००साल से भी अधिक पूराने हैं। सैकड़ों वषाX से भुवनेश्वर पूर्वोत्तर भारत में शैव-सम्प्रदाय का मुख्य प्रिय केन्द्र रहा है। मध्ययुग में यहा सात हजार से अधिक शिव मन्दिर व पूजास्थल थे।
आज महाशिवरात्रि के लिए मन्दिर में व मन्दिर के बाहर हजारों की संख्या में भक्त रात भर उजागर रहते हुए दीप जलाते रहेंगे। इसे जागर जलाना कहते हैं। इसके लिए स्थानीय भजन मंडप में रातभर शिवभजनों का कार्यक्रम रखा गया है। प्रसिद्ध संगीतकार बप्पी लहरी, अनुराधा पौडवाल, आरती मुखर्जी के साथ ओिड़शा के मन्मथ मिश्र के समेत कई प्रख्यात गायक शिवभजनों की प्रस्तुति देंगे। वरिष्ठ विधायक सुरेश कुमार राउतराय के मुताबिक सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्यमन्त्री नवीन पटनायक प्रमुख अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। सांस्कृतिक महोत्सव की शुरूआत शुक्रवार अपराह्न चार बजे शंख ध्वनि से होगी। महाशिवरात्रि का सबसे बड़ा कार्यक्रम मन्दिर के शिखर पर महादीप का जलना रात १० बजे शुरू होगा।