कश्मीर: आतंकियों ने बंगाल के 5 मजदूरों को गोलियों से भूना

0
83

कुलगाम. जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में मंगलवार रात आतंकियों ने पांच मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी. ये सभी मजदूर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रहने वाले थे और यहां काफी समय से काम कर रहे थे. इस हमले में एक अन्य मजदूर घायल भी हुआ है. आतंकियों ने इस नापाक हरकत को कुलगाम में अंजाम दिया. आर्टिकल 370 को कमजोर किए जाने के बाद ये अब तक का बड़ा हमला है. न्यूज़ एजेंसी PTI के मुताबिक, मारे गए मजदूरों की शिनाख्त हो गई है. इनके नाम कमालुद्दीन, मुरसालिम, रोफिक, नोमुद्दीन और रफीकुल है. वहीं, घायल मजदूर का नाम जोहिरुद्दीन बताया जा रहा है. लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी आज मुर्शिदाबाद जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने वाले हैं. जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के बाद आतंकी लगातार यहां बाहरी लोगों को निशाना बना रहे हैं. पिछले 15 दिनों में आतंकियों द्वारा मारे गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है. फिलहाल मिली जानकारी से सामने आया है कि ये सभी मजदूर प. बंगाल के मुर्शिदाबाद के थे और जम्मू-कश्मीर में मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे. घायल मजदूर जहीरुद्दीन भी पश्चिम बंगाल से आने वाले एक दिहाड़ी मजदूर हैं, वे अपने कटरासू गांव के घर में थे, जब उन पर हमला हुआ. उन्हें तुरंत ही अस्पताल में भर्ती कराया गया. बताया जा रहा है कि वे खतरे से बाहर हैं.

ममता बनर्जी ने जताया दुख
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर ट्वीट करते हुए दुख जताया है. उन्होंने कहा है कि परिवारवालों की मदद की जाएगी.

सोमवार को की थी ट्रक ड्राइवर की हत्या
इससे पहले आतंकियों ने एक ट्रक ड्राइवर की हत्या की थी. सोमवार को अनंतनाग के बिजबेहरा में आतंकियों ने इस घटना को अंजाम दिया था. मारे गए ट्रक ड्राइवर ऊधमपुर के निवासी थे. यह हमला यूरोपियन यूनियन (European Union) के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल की कश्मीर यात्रा के दिन ही हुआ है. बता दें कि यूरोपियन यूनियन के सांसद कश्मीर की यात्रा पर आए हैं और यहां पर वे मंगलवार को स्थानीय लोगों से मिले और 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा और अनुच्छेद 370 खत्म करने पर उनके अनुभवों के बारे में पूछा.

लगातार निशाना बन रहे हैं मजदूर और ट्रक ड्राइवर
केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 को खत्म करने के फैसले के बाद से आतंकी लगातार ट्रक ड्राइवरों और मजदूरों को निशाना बनाते आ रहे हैं. इनमें खासकर ऐसे मजदूर और ड्राइवर शामिल हैं जो कश्मीर के बाहर से यहां पर काम की तलाश में आते हैं.सोमवार को, उधमपुर जिले के एक ट्रक ड्राइवर को अनंतनाग में मार दिया गया था. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया, पांच अगस्त के बाद से यह मारे गए चौथे ट्रक ड्राइवर थे.

24 अक्टूबर को, आतंकियों ने शोपियां जिले में दो गैर-कश्मीरी ट्रक ड्राइवरों को मार दिया था. 14 अक्टूबर को दो आतंकियों ने जिनमें एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक भी है, मिलकर राजस्थान के रजिस्ट्रेशन नंबर वाले एक ट्रक ड्राइवर को मार दिया था. उन्होंने शोपियां जिले के एक सेब बगीचे के मालिक पर भी हमला किया था. इस ड्राइवर की पहचान शरीफ खान के तौर पर की गई थी.

दो दिन बाद, पंजाब के एक सेब व्यापारी चरनजीत सिंह को आतंकियों ने शोपियां जिले में किए एक हमले में मार दिया था और संजीव को घायल कर दिया था.उसी दिन आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के एक ईंट भट्ठा मजदूर को पुलवामा जिले में गोली मार दी थी.