इरफ़ान खान को है ”न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर” जानें इस बीमारी के बारे में, ऐसे होता है इलाज

0
614

नई दिल्ली : पिछले कुछ दिनों से बॉलीवुड जगत से दुख भरी खबरें आने का सिलसिला जारी हैं। कुछ दिन पहले अभिनेता इरफ़ान खान ने खुद यह बताया था कि उन्हें एक दुर्लभ बीमारी हो गई है। हाल ही में इसको लेकर उन्होंने खुलासा किया है कि उन्हें ”न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर” नामक बीमारी हुई है।

पहले खबरें आ रही थीं कि उन्हें ब्रेन ट्यूमर हुआ है, लेकिन अब इरफान ने खुद अपनी बीमारी के बारे में खुलासा किया है। आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे में और इसके इलाज के बारे में।

जरुरी नहीं की ये बीमारी दिमाग से संबंधित हो

बता दें कि न्यूरो इंडोक्राइन ट्यूमर आपके पाचन ग्रंथि और पेट संबंधी दिक्कतों को पैदा करता है। हाल ही में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने इसके एक नए इलाज को भी मान्यता प्रदान की है। ऐसा आवश्यक नहीं है कि यह बीमारी ब्रेन से संबंधित ही हो। एक अलग प्रकार का कैंसर होता है। इसे कैंसर के क्लासिफिकेशन में 10 से 15 साल पहले ही जोड़ा गया है। इसके बारे में पता लगाने के लिए विशेष प्रकार की पड़ताल ”क्रोमोग्राफिन एेसे” और ”क्रोमेटिन टेस्ट” की जाती है।

ऐसे होता है इलाज

इस बीमारी का आम तौर पर ट्रीटमेंट कीमोथैरेमी के जरिए किया जाता है। इसके ट्रीटमेंट में काफी समय लगता है। यह इस बात पर भी यह निर्भर करता है कि बीमारी शरीर के किस हिस्से में है। लेकिन यह बीमारी अमूमन फैलने वाली होती है जिसका ट्रीटमेंट लंबे समय तक चलता है। ट्रीटमेंट के दौरान कई बार एेसी बीमारी में रेडिएशन का उपयोग भी किया जाता है।

एफडीए ने इलाज के लिए इस दावा को दि है मंजूरी

एफडीए ने एक रेडियोएक्टिव दवा को मंजूरी दी है, जिससे मरीज की जिंदगी बचाई जा सकती है। बताया जा रहा है कि इस नए ट्रीटमेंट का नाम Lutathera है, जो कि पहली रेडियोएक्टिव दवा है, जिसे इस ट्यूमर के लिए मंजूरी दी गई है। एव्रीडे हेल्थ के अनुसार यह एक प्रकार का कैंसर हो सकता है, जो कि अग्नाश्य, पेट, आंत, मलाशय आदि में होता है। कई मामलों में यह कैंसर नहीं भी होता है। यह जरूरी नहीं है कि यह कैंसर ही हो।

रेयर है ये बीमारी

इरफान खान को जो बीमारी है वह बहुत ही रेयर है। आंकड़ों की मानें तो एक लाख में सिर्फ पांच लोगों को ही ये बीमारी हो सकती है। इस बीमारी में न्यूरोइंडोक्राइन कोशिकाएं बढ़ती रहती है और एक ट्यूमर में परिवर्तित हो जाती है। यह शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकती है।