INX मीडिया मामला: पी चिदंबरम पर आरोप लगाने वाली इंद्राणी मुखर्जी को CBI ने चार्जशीट में दी राहत

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नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने INX मीडिया मामले में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है. खास बात यह है कि CBI ने अपनी चार्जशीट में इंद्राणी मुखर्जी को बड़ी राहत दी है. CBI ने दिल्ली में स्पेशल कोर्ट के सामने दाखिल की गई अपनी चार्जशीट में इंद्राणी को क्षमा करने की बात कही है. बता दें कि दिल्ली की कोर्ट ने इसी साल जुलाई में उस याचिका को स्वीकृति दे दी थी जिसमें इंद्राणी मुखर्जी को सरकारी गवाह बनाने की बात कही गई थी. बता दें कि CBI ने चार्जशीट में पी चिदंबरम करीब 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है. CBI ने स्पेशल कोर्ट में दाखिल अपनी चार्जशीट में कहा है कि पी चिदंबरम ने 2008 में यह पैसे लिए थे. CBI के अनुसार पी चिदंबरम ने रिश्वत के तौर पर कुल 9.96 लाख रुपये लिए थे.

CBI ने पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के नेता पी चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति चिदम्बरम और कंपनियों समेत कुल 15 लोगों व निकायों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भ्रष्टाचार के इस मामले की जांच जारी है. उसने बताया कि सिंगापुर एवं मॉरीशस को भेजे गए आग्रह पत्र (लैटर्स रोगेटरी) पर जवाब का इंतजार किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट में पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई.कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है.

आईएनएक्स मीडिया मामले में पी चिदंबरम के खिलाफ सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मामले में चार्जशीट दाखिल हो गई है. उन्हें गिरफ्तार करने के लिए नहीं बल्कि पूछताछ के लिए गिरफ्तार किया गया. आज इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने का आखिरी दिन था. इस मामले में चिदंबरम, उनके बेटे, अफसरों व कंपनियों समेत 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है.

सीबीआई ने कहा कि चिदंबरम गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. एक गवाह ने प्रभावित करने की कोशिश की बात कही है. उसकी जानकारी सील कवर में सीबीआई कोर्ट को दी गई है. वह गवाह इंद्राणी मुखर्जी नहीं है. सीबीआई ने कहा कि चिदंबरम को जमानत नहीं दी जानी चाहिए इससे गवाहों को प्रभावित करने की गंभीर आशंका है. SG तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले में भ्रष्टाचार हुआ है और मनी लॉन्ड्रिंग भी चल रही है. सरकार की करप्शन को लेकर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति है.

सीबीआई ने कहा कि इस मामले में अफसर सिंधुश्री खुल्लर को भी आरोपी बनाया गया है. सीबीआई ने कहा कि उनकी फ्लाइट रिस्क बरकरार है. कई उदाहरण हैं कि देश में संपत्ति होने के बावजूद लोग भाग गए. चिदंबरम को जमानत नहीं मिलनी चाहिए. सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि केवल आईएनएक्स ही एक ऐसा मामला नहीं है जिसकी जांच चल रही है बल्कि पी चिदंबरम जब वित्त मंत्री थे उस दौरान की सभी FIPB के एप्रूवल को लेकर जांच चल रही है.

पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि भले ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल हो गई हो लेकिन वो जमानत ना देने का आधार नहीं हो सकता है. सिब्बल ने कहा कि अगर इनके आरोप-पत्र के हिसाब से मैं दोषी हूं तो ये निचली अदालत में साबित करें. इस बात को जमानत की सुनवाई के दौरान लाने का कोई मतलब नहीं है. मैं सभी सवालों का जवाब ट्रायल के दौरान दूंगा.सिब्बल ने 2-जी मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि 2-जी मामले में भी गंभीर आरोप लगे थे लेकिन परिणाम क्या हुआ? सिब्बल ने कहा कि इसको लेकर कोर्ट का फैसला है.

पी चिदंबरम के वकील सिब्बल ने कहा कि चिदंबरम का वजन जेल में रहने के दौरान लगातार घट रहा है. उनका वजन 73 किलो से 68.5 किलोग्राम हो गया है. घर के खाने के बावजूद उनकी सेहत गिर रही है. सर्दियों में उनको डेंगू होने का भी खतरा भी है. उनको जेल में रखकर एजेंसी को कुछ भी हासिल होने वाला नहीं है. सीबीआई के पास चिदंबरम के खिलाफ सीधा कोई सबूत नहीं है. सिर्फ प्रताड़ित करना ही एजेंसी का मकसद है क्योंकि चिदम्बरम गवाहों को प्रभावित नहीं कर सकते. वैसे भी गवाहों की सुरक्षा का ज़िम्मा सरकार का ही है. पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा.