भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब- कश्मीर कभी भी संयुक्त राष्ट्र के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार के एजेंडे में नहीं रहा

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नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र की विधान समिति की सामान्य बैठक में जम्मू-कश्मीर पर एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। दरअसल बैठक में पाकिस्तान ने यह मुद्दा उठाया था। जिसके जवाब में भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, संयुक्त राष्ट्र के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार के एजेंडे में कभी भी नहीं रहा है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान अपनी क्षेत्रीय अभिलाषाओं को पूरा करने के लिए वहां उन्मादी प्रयास कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र की महासभा समिति में पाकिस्तान की दूत मलीहा लोधी ने कश्मीर मुद्दे को उठाते हुए एक बार फिर इसे सामाजिक, मानवीय और मानवाधिकारों के मुद्दों से संबंधित बताया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद के संकल्प 11 के अनुसार अपने आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए कश्मीरी इंतजार कर रहे हैं।
इस एजेंडे का तात्पर्य लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार से है। हालांकि, एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा इसका एक अन्य स्थिति के साथ भ्रमित करके जो उपनिवेशवाद या विदेशी वर्चस्व के संदर्भ से संबंधित नहीं है, एक बार फिर दुरुपयोग किया गया।

भारत के स्थायी मिशन के पहले सचिव पॉलोमी त्रिपाठी ने बुधवार को महासभा की बैठक में आत्मनिर्णय के लिए लोगों के अधिकार पर तीसरे दौर की चर्चा के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह प्रतिनिधिमंडल अपनी क्षेत्रीय अभिलाषाओं की पूर्ति करने और विश्वसनीयता हासिल करने के लिए उन्मादी प्रयासों के साथ इस महत्वपूर्ण एजेंडे को जम्मू-कश्मीर का हवाला देकर तोड़-मरोड़ कर दिखाने में कोई संकोच नहीं कर रहा है।
त्रिपाठी ने पलटवार करते हुए कहा कि सच्चाई यह है कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र के लोगों के आत्मनिर्णय के एजेंडे में कभी नहीं रहा है। दस्तावेज को एक सरसरी निगाह से पढ़ते हुए स्पष्ट किया, कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा परिकल्पित स्व-निर्णय के एजेंडे में जम्मू और कश्मीर शामिल नहीं है।

यह बात करते हुए उन्होंने आत्मनिर्णय के लोगों के अधिकार के सार्वभौमिक बोध पर महासचिव की रिपोर्ट का संदर्भ भी दिया। त्रिपाठी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संकल्प के हवाले से इस प्रतिनिधिमंडल का झुकाव जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को चर्चा के दौरान आत्मनिर्णय के मुद्दे के रूप में पेश करना है। यही वजह है कि समिति ने अपने मंच का इस प्रकार से दुरुपयोग होने देने के ऐसे प्रयासों के खिलाफ सतर्कता बरती है।