भारतीय रेलवे – 30 जून तक नहीं चलेंगी नियमित रूप से ट्रेने, सभी बुक टिकट किये गए कैंसल

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नई दिल्ली : कोरोना वायरस और लॉकडाउन के मुश्किल हालात में रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। ताजा बयान के अनुसार, रेलवे ने 30 जून तक बुक किए गए सभी टिकट कैंसिल कर दियए हैं। यानी 30 जून तक नियमित ट्रेनें नहीं चलेंगी। सभी यात्रियों को रिफंड दे दिया जाएगा। रेलवे ने साफ किया है कि इस दौरान श्रमिक ट्रेनें और स्पेशन ट्रेनें चलती रहेंगी। इससे पहले यात्रियों को राहत देते हुए रेलवे ने अब 6 माह तक ट्रेन का टिकट रद्द करने की अनुमति दे दी है। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, यात्रा की तारीख से 3 दिन के अंदर ही टिकट रद्द कराना होता था। नई सुविधा उन यात्रियों को भी मिलेगी, जिन्होंने लॉकडाउन से पहले टिकट बुक करवाया था और ट्रेन रद्द हो गई या फिर वे किसी कारण से यात्रा नहीं कर सके। सबसे अच्छी बात यह है कि काउंटर से लिया गया टिकट भी ऑनलाइन रद्द करावाया जा सकेगा, लेकिन रिफंड काउंटर से ही मिलेगा। एक अन्य अहम आदेश में रेलवे ने कहा है कि जिन लोगों को कोरोना वायरस के लक्षण के कारण यात्रा की अनुमति नहीं मिली है, उन्हें टिकट का पूरा रिफंड दिया जाएगा।

दरअसल, लॉकडाउन के कारण 22 मार्च से देशभर में ट्रेनें बंद हैं, जबकि रेलवे आरक्षण 14 अप्रैल तक जारी रहा था। 22 मार्च से पहले भी लाखों लोगों ने ऑनलाइन और काउंटर के जरिए टिकट खरीदे थे। इसके बाद ट्रेनें बंद होने से यात्रियों का पैसा अटक गया। अब यह राशि वापस ली जा सकेगी। काउंटर से लिए टिकट के लिए: 6 माह के अंदर काउंटर पर जाकर टीडीआर (टिकट डिपॉजिट रिसिप्ट) फॉर्म भरना होगा। चीफ क्लेम ऑफिसर या चीफ कामर्शियल मैनेजर के कार्यालय में जाकर रिफंड ले सकते हैं। यदि ट्रेन रद्द नहीं हुई है और यात्रा नहीं की है तो काउंटर से टिकट लेने वालों को 6 माह के अंदर टीडीआर भरना होगा।

ऑनलाइन लिए टिकट के लिए: 139 या भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) की वेबसाइट पर भी काउंटर टिकट रद्द करा सकेंगे। इसके 6 माह के अंदर किसी भी टिकट काउंटर से रिफंड लिया जा सकेगा। यात्री को पूरा किराया वापस होगा, यानी कोई कैंसलेशन चार्ज नहीं लगेगा। यदि लॉकडाउन के बाद टिकट रद्द कराने पर शुल्क काटा जा चुका है तो वह भी क्लेम किया जा सकेगा

कोविड-19 लक्षण वाले रोके गए यात्री को मिलेगा पूरा रिफंड: सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, सभी रेल यात्रियों की स्क्रीनिंग किया जाना अनिवार्य है और सिर्फ बिना लक्षण वाले यात्रियों को ही ट्रेन में प्रवेश दिया जा रहा है। अब रेलवे बोर्ड ने कहा है कि स्क्रीनिंग के दौरान अगर किसी यात्री को तेज बुखार है या कोरोना का कोई और लक्षण मिला है तो कंफर्म टिकट होने के बावजूद उसे यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस स्थिति में यात्री को पूरा रिफंड दिया जाएगा।