भारतीय रेलवे – ट्रेनों में एडवांस आरक्षण की अवधि 30 दिन से बढ़कर कर 120 दिन हुई

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नई दिल्ली : लॉकडाउन के मुश्किल समय में स्पेशल ट्रेन चलाकर रेलवे ने लोगों को बड़ी सुविधा दी है। अब टिकट बुकिंग को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में एडवांस आरक्षण की अवधि 30 दिनों से बढ़ाकर 120 दिन कर दी है। टिकट बुकिंग का यह प्रावधान 230 ट्रेनों में लागू होगा। इनमें 30 ट्रेनों का संचालन 12 मई से हो रहा है जबकि 200 ट्रेनों का संचालन एक जून से शुरू होगा। यह व्यवस्था 31 मई 2020 की सुबह आठ बजे से लागू हो जाएगी। रेलवे के मुताबिक, टिकटों के आरक्षण में करेंट व तत्काल कटेगरी के आरक्षण को भी अनुमति दे दी गई है। इन सभी 230 ट्रेनों में लगेज व पार्सल की बुकिंग पहले की तरह होगा। रेलवे ने कहा है कि करेंट बुकिंग, रोडसाइड स्टेशनों का तत्काल कोटा आवंटन एवं अन्य ट्रेनों के नियमित टाइम टेबल के अनुसार ही रहेंगे।

भारतीय रेलवे ने 1 मई, 2020 से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में यात्रा करने वाले लगभग 50 लाख प्रवासियों को 85 लाख से भी अधिक ‘मुफ्त भोजन’ और लगभग 1.25 करोड़ ‘मुफ्त पानी की बोतलें’ वितरित की हैं। सभी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में यात्रा कर रहे प्रवासियों को भोजन और पानी की बोतलें उपलब्‍ध कराई जा रही हैं। आईआरसीटीसी यात्रा कर रहे प्रवासियों को रेल नीर पानी की बोतलों के साथ भोजन के रूप में पुरी-सब्जी-अचार, रोटी-सब्जी-अचार, केला, बिस्कुट, केक, बिस्कुट-नमकीन, केक-नमकीन, शाकाहारी पुलाव, पाव भाजी, नींबू-चावल-अचार, उपमा, पोहा-अचार, इत्‍यादि उपलब्‍ध करा रही है।

विभिन्न स्थानों पर फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों और अन्य व्यक्तियों की विशेष रेलगाड़ियों से आवाजाही के संबंध में गृह मंत्रालय के आदेश के बाद भारतीय रेलवे 1 मई 2020 से ही ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेनों का परिचालन कर रही है। 28 मई 2020 तक देश भर के विभिन्न राज्यों से 3736 ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेनें चलाई गई हैं, जबकि लगभग 67 ट्रेनें पाइपलाइन में हैं। 27 मई 2020 को 172 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें रवाना की गईं। अब तक 27 दिनों में लगभग 50 लाख प्रवासियों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से उनके गृह राज्‍यों में ले जाया गया है।

ये 3736 ट्रेनें विभिन्न राज्यों से रवाना हुई थीं। जिन शीर्ष पांच राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों से अधिकतम ट्रेनें रवाना हुई हैं, उनमें गुजरात (979 ट्रेनें), महाराष्ट्र (695 ट्रेनें), पंजाब (397 ट्रेनें), उत्तर प्रदेश (263 ट्रेनें) और बिहार (263 ट्रेनें) शामिल हैं। इन ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेनों का परिचालन देश भर के विभिन्न राज्यों में समाप्त हुआ। जिन शीर्ष पांच राज्यों में अधिकतम ट्रेनों का परिचालन समाप्त हुआ है, उनमें उत्तर प्रदेश (1520 ट्रेनें), बिहार (1296 ट्रेनें), झारखंड (167 ट्रेनें), मध्य प्रदेश (121 ट्रेनें) और ओडिशा (139 ट्रेनें) शामिल हैं

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