हिरासत में फारूक अब्दुल्ला की बेटी और बहन , अनुच्छेद 370 को लेकर कर रही थीं प्रदर्शन

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श्रीनगर: जम्मू एंड कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया फारूक अब्दुल्ला की बेटी साफिया और बहन सुरैया को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. ये दोनों श्रीनगर में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने का विरोध कर रही थीं. 5 अगस्त को जब से केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में बदलाव करते हुए जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश में बदला है, तब से ही फारूक अब्दुल्ला हिरासत में हैं. उन्हें उनके ही घर में नजरबंद रखा गया है.

फारूक अब्दुल्ला के साथ उनके बेटे उमर अब्दुल और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी नजरबंद हैं. जम्मू कश्मीर में सोमवार से सरकार ने पोस्ट पेड मोबाइल सेवाएं शुरू कर दी हैं. हालांकि एसएमएस सेवाओं को एक दिन बाद ही बंद कर दिया गया. फारुख अब्दुल्ला की चार संतानें हैं. इनमें बेटे फारूक अब्दुल्ला के अलावा साफिया अब्दुल्ला, हिना अब्दुल्ला और सराह तीन बेटिया हैं. सराह की शादी कांग्रेस नेता और राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से हुई है.

श्रीनगर में मंगलवार को महिलाओं का एक समूह बैनर के तले विरोध प्रदर्शन कर रहा था. इसमें विरोध कर रही महिलाएं अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध कर रही थीं. बांह पर काली पट्टी बांधकर तख्तियां पकड़े प्रदर्शन कर रहीं इन महिलाओं को पुलिस ने प्रदर्शन करने से रोका और शांतिपूर्वक लौट जाने के लिए कहा. महिलाओं ने जाने से मना किया और प्रदर्शन जारी रखते हुए धरने पर बैठ गईं. महिला सीआरपीएफ जवानों ने प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहनों में बैठाया.

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कवरेज के लिए आए मीडिया को बयान वितरित करने से रोकने का प्रयास भी किया. बयान में कहा गया है ‘हम कश्मीर की महिलाओं ने भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 और 35A को हटाए जाने तथा राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के एकतरफा फैसले को अस्वीकार कर दिया है.”

नागरिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों की बहाली की मांग करते हुए महिलाओं ने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से धोखा और अपमान मिला है. उन्होंने हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल रिहा करने और ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विसैन्यीकरण की भी मांग की. बयान में यह भी कहा गया है ‘हम कश्मीर में झूठे एवं गुमराह करने वाले प्रचार के लिए राष्ट्रीय मीडिया के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करते हैं.’