तूफान बुलबुल ओड़िशा को नहीं छुएगा, एसआरसी ने लोगों को न डरने के लिए कहा

0
114

भुवनेश्वर। उत्तरी आंडमान सागर में सृष्ट चक्रवात गुरूवार की सुबह तक तूफान में तबदील होने के बाद भी ओड़िशा को छूने वाला नहीं है। इसलिए लोगों को आतंकित होने की जरूरत नहीं है। यह जानकारी आइएमडी के डीजी, राज्य के विशेष राहत आयुक्त आदी ने दी है।

आइएमडी (भारतीय मौसम विभाग) के डीजी मृत्युंजय महापात्र ने कहा है, कि यह इस समय पारादीप से 800 किलोमीटर की दूरी पर है। गुरूवार की सुबह तक तूफान का शक्ल लेगा। इस समय यह 9 किलोमीटर प्रति घंटा के रपतार पे उत्तर व उत्तर पश्चिम दिशा में गति कर रहा है। इसकी वजह से उत्तर ओड़िशा में बारिस हो सकती है। तट्टीय इलाकों के उत्तरी भाग में 8 तारीख को प्रति घंटा 50 किमी की रपतार से हवा चलने की सम्भावना है। इसके प्रभाव से 9 व 10 तारीख को बारिस होने की सम्भावना है। अतः 6 सीएम तक बारीश हो सकती हैं, लेकिन इस दौरान समुद्र अशान्त रहेगा।

इससे सतर्क रहने के लिए राज्य के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप कुमार जेना ने मंगलवार को 15 जिलों के जिलाधीशो को पत्र लिखा है। जेना ने बुधवार को पत्रकारों से कहा है कि तूफान के बारे में इस समय कोई स्पष्ट चित्र नहीं आया है। लेकिन तूफान का ओड़िशा तट पर कहर बरपाने की आशंका कम है। आइएमडी की ओर से भी वही सूचना मिल रही है। अगले 9 व 10 तारीख को राज्य के कई जिलों में बारिस होगी। इसलिए 15 जिले बालेश्वर, भद्रक, केन्द्रापडा, जगतसिंहपुर, गंजाम, पुरी, कोरापुट, गजपति, नवरंगपुर, रायगडा, कलाहांडी, बौध, कन्ध्माल, नूआपड़ा व मालाकानगिरी के जिलाधीशों को बारिस व सम्भावित हवा के लिए सतर्क रहने के लिए निर्देश दिया गया है।

राज्य के एक वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ सुरेन्द्रनाथ पशुपालक ने भी कहा है कि ओड़िशा के लिए तूफान का ज्यादा डर नहीं है। इसलिए लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।