SC में तल्‍ख हुई अयोध्या मामले की सुनवाई, मुस्लिम पक्षकार बोले- नया इतिहास लिखने की कोशिश न करें

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नई दिल्ली: अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई का मंगलवार को 39वां दिन पूरा हो गया. सुनवाई के दौरान दौरान दोनों ही पक्षों की तरफ से तल्‍खी दिखी. हिंदू पक्ष के यह कहने पर कि बाबरी मस्जिद औरंगजेब ने बनवाई थी, मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि बाबरी मस्जिद बाबर के समय ही बनी थी, इस मामले में नया इतिहास लिखने की कोशिश न की जाए. साथ ही उन्होंने कहा कि यदि बाबर के काम की समीक्षा की जा रही है तो सम्राट अशोक के काम की भी समीक्षा होनी चाहिए. मुस्लिम पक्ष के वकील ने मुगल शासक औरंगजेब को ‘बहुत ही उदार’ भी बताया.

‘मुस्लिमों का एकाधिकार कैसे’
अयोध्या मामले की सुनवाई में अब दो दिन हिंदू पक्ष को जवाब देने का मौका मिलेगा. वहीं, 40वां दिन मामले में सुनवाई के लिए आखिरी होगा. इसके साथ ही उम्मीद की जा रही है कि मामले में फैसला 17 नवंबर को आ सकता है. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि आज सुनवाई का 39वां दिन था और कल इसका 40वां दिन है जो सुनवाई का आखिरी दिन होगा. वहीं, इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मुसिलम पक्ष के सामने बड़ा सवाल रखा कि यदि विवादित स्‍थल पर हिंदू पूजा करते थे तो मुस्लिमों का एकाधिकार कैसे हो सकता है?

अयोध्या पहुंचे अधिकारी

इससे पहले मंगलवार को ही मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी, डीजीपी ओपी सिंह और अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी अयोध्या पहुंचे. जानकारी के मुताबिक, अयोध्या विवाद के संभावित फैसले से पहले और दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. वहीं, अयोध्या के संतों के साथ मुलाकात करके हालात पर मंथन करेंगे. बता दें कि जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर धारा-144 भी लागू कर दी है. इससे पूर्व अनुमति के बिना किसी भी तरह का कोई कार्यक्रम नहीं हो सकेगा. वहीं, सुरक्षा व्यवस्था में सात एएसपी, 20 डीएसपी, 20 इंस्पेक्टर, 70 सब इंस्पेक्टर, 500 सिपाही और सात कंपनी पीएसी शामिल है. अयोध्या में चार कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल और 15 कंपनी पीएसी पहले से तैनात है.