पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की हालत गंभीर, प्लेटलेट चढ़ाने के बाद भी स्वास्थ्य में सुधार नहीं

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नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की हालत नाजुक बनी हुई है। बुधवार को उनके शरीर में प्लेटलेट की संख्या बहुत कम हो गई। लाहौर के सर्विस अस्पताल में प्लेटलेट चढ़ाए जाने के बाद भी उनकी हालत खतरे से बाहर नहीं बताई गई। शरीफ को सोमवार को राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के हिरासत केंद्र से अस्पताल लाया गया था। वह 24 नवंबर, 2018 से भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद हैं।
शरीफ को अस्पताल में भर्ती कराते समय उनके शरीर में प्लेटलेट संख्या 12,000 थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें तीन मेगा यूनिट प्लेटलेट चढ़ाए थे। इसके बाद उनकी तबियत में आंशिक सुधार आया। मंगलवार शाम तक प्लेटलेट काउंट बढ़कर 18,000 तक पहुंचा था। इसके बाद एक बार फिर प्लेटलेट्स की संख्या में गिरावट दर्ज की गई।

शरीफ के इलाज के लिए 6 डाॅक्टरों की टीम तैनात

लाहौर सर्विस अस्पताल के प्रमुख डॉ. अयाज महमूद ने बताया कि शरीफ के शरीर में प्लेटलेट काउंट लगातार कम होने के कारणों का पता लगाने के लिए उनकी कई जांचें कराई गई हैं, लेकिन अब तक उनकी बीमारी की वजह का पता नहीं चल पाया है। शरीफ के इलाज के लिए 6 डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है, जो उनकी हालत पर नजर बनाए हुए है।

अगर उन्हें कुछ होता हैं, तो प्रधानमंत्री इमरान खान इसके जिम्मेदार होंगे

नवाज शरीफ के भाई और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल) के अध्यक्ष शाहबाज खान ने मंगलवार शाम अस्पताल पहुंचकर उनकी तबियत की जानकारी ली। उन्होंने आरोप लगाया कि शरीफ की बिगड़ती तबियत के बावजूद, उन्हें पहले अस्पताल नहीं ले जाया गया। अगर उन्हें कुछ भी होता है, तो प्रधानमंत्री इमरान खान इसके जिम्मेदार होंगे।

शरीफ को तत्काल अस्पताल ले जाने की जरूरत

इससे पहले सोमवार को नवाज शरीफ के निजी चिकित्सक डॉ. अदनान खान ने ट्वीट किया, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के प्लेटलेट काउंट में गंभीर कमी दर्ज की गई है। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने की जरूरत है। उन्हें कई गंभीर बीमारियां हैं। उनकी जान बचाने के लिए अस्पताल में भर्ती किया जाना चाहिए। मैंने अधिकारियों से इस पर तुरंत ध्यान देने को कहा है।
नवाज शरीफ 3 बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे हैं। उन्हें चैधरी शकर मिल समेत भ्रष्टाचार के 3 मामलों में 7 साल की सजा सुनाई गई है। इससे पहले वह कोट लखपत जेल में बंद थे।