कोहरा: पटरी से उतरी लोकमान्य एक्सप्रेस, चिलका झील में फंसी यात्री नाव

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भुवनेश्वर.- मुम्बई से भुवनेश्वर आ रही लोकमान्य तीलक(एलटीटी) एक्सप्रेस आज दुर्घटना की शिकार हो गई है। ट्रेन के २० यात्री घायल हुए हैं। उनमें से ५ गम्भीर रूप से घायल हो गये थे। उन्हे कटक स्थित एससीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राथमिक सूचना के मुताबिक यह ट्रेन पहले से ट्रैक में खड़ी एक मालगाड़ी से पिछे से टकराने की बजह से यह हादसा हुई । कहा जाता है कि घने कोहरा की बजह से ट्रेन का ड्राइवर मालवाही ट्रेन को देख नहीं पाया। यह भी कहा जाता है कि १०० मिटर की दूरी से कुछ दिखाई न दिये जाने की बजह से सिगनाल की सूचना भी ड्राइवर को ठीक से मिल नहीं रहा है। यात्रियों की स्थिति जानने के लिए पूतरे की ओर से दो देयमुक्त (टोल प्रÀा)r नम्बर जारी किए गए हैं- ०६७४-१०६२, ०६७४-१०७२। पुरी का ०६७५२-१०७२ है। मुख्यालय नम्बर १८०० ३४५७४०१ है।
आज सुबह सात बजे के आसपास मुम्बई से भुवनेश्वर आ रही लोकमान्य तीलक एक्सप्रेस कटक जिले के निर्गुंडी स्टेशन के पास स्थित शालगांव के पास दुर्घटना का शिकार हो गयी। यह ट्रेन ट्रैक पर खड़ी एक मालगाड़ी को पिछे दे धक्का दी थी। जिसकी बजह से ट्रेन के ८ डिब्बे पटरी से उत्तर गये।। ट्रेन में बैठे २० यात्री घायल हो गये। उनमें से ५ यात्री जितेन्द्र पाढी, पुष्पांजली जतवार, शरत चन्द्र बेहेरा, पुर्णचन्द्र नायक, अश्विनी कुमार लेंका गंभीर रूप से घायल हुए। उनके सीर पर चोंट लगी थी। उन्हे तुरन्त एम्बुलैंस के सहारे कटक स्थित एससीबी असपाताल में भेज दिया गया था। ट्रेन के बाकी पैसेंजर को दो बस से अपने अपने इलाके को भेजा गया है।
सूचना मिलने के बाद अग्निशम विभाग के दो टीम मौके पर पहुच कर ट्रेन में फंसे यात्रियों को निकालने में व उन्हे अपने अपने ठिकाने में पहुचाने में मदद की थी। यात्रियों के परिजन व स्थानीय लोग भी मौके पर पहुचकर घायल यात्रियों को अस्पाताल में पहुचाने में मदद की है।
आज की दुर्घटना के बाद कई ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है। भुवनेश्वर से मुम्बई जाने वाली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस नराज देकर जाएगी, उसी तरह दुर्ग से पुरी, धनबाद-भुवनेश्वर राज्यराणी एक्सप्रेस ट्रेन नराज होते हुए आएगी। पुरी-राउरकेला पासेंजर व तालचेर पुरी मेमु नराज होते हुए जाएगी। पूर्वी तट रेलवे(पूतरे) की ओर से यह सूचना दी गई है।
पूतरे के सीपीआरओ जे पी मिश्र ने पत्रकारों से कहा है कि इसकी जांच होगी। जांच के लिए एक टीम बनाई गई है। जांच के बाद पता चलेगा कि यह दुर्घटना घने कोहरे के कारण हुई है या नहीं। ट्रेन में विशेष स्पिडोमिटर है। हादसे के शिकार यात्रियों के लिए दो बस दिये गये हैं। बस से यात्रियों को उनके ठिकाने तक पहुचाने के लिए व्यबस्था किया गया था। लेकिन दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जो मदद की वह काफी सराहनीय है।
घन कोहरा की बजह से आज चिलका झील में यात्रीवाही नाव भटककर बीच चिलका में चली गई ।है इसमें ३० यात्री व १० मोटर साइकिल हैं। यह नाव सातपडे से जन्हीकुदा जा रही थी। सूचना मिलने के बान नाव को उद्दशर करने की कोशिश जारी है।