डेंगू के कहर ने 15 दिन में खत्म किया पूरा परिवार, सिर्फ एक नवजात बच्चा बचा

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नई दिल्ली। तेलंगाना में डेंगू के कहर से एक परिवार पूरी तरह खत्म हो गया. परिवार में अब सिर्फ एक नवजात बच्चा बचा है. बच्चे की मां, पिता, बहन और परदादा सभी की डेंगू की वजह से मौत हो चुकी है. जानकारी के मुताबिक तेलंगाना के मंचेयिरयल जिले में रहने वाला यह परिवार 15 दिनों के भीतर खत्म हो गया. बुधवार को इसी परिवार की 28 साल की महिला की बच्चे को जन्म देने के बाद अस्पताल में मौत हो गई.

एक-एक कर खत्म हो गया पूरा परिवार

परिवार में सबसे पहले सोनी के पति जी. राजगट्टू (30 वर्ष) को डेंगू हुआ था. राजगट्टू एक शिक्षक थे और मंचेरियल जिले के श्रीश्री नगर में रहते थे. डेंगू का पता चलते ही ये लोग करीमनगर में शिफ्ट हो गए थे. प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान 16 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई. इसके बाद राजगट्टू के 70 वर्षीय दादा लिंगाय को डेंगू ने अपनी गिरफ्त में जकड़ लिया और 20 अक्टूबर को परिवार के दूसरे सदस्य की मौत हो गई.

दिवाली वाले दिन हुई 3 मौत

परिवार अभी लगातार हुई दो मौतों के दुख से उबर भी नहीं पाया था, कि राजगट्टू की 6 साल की बेटी श्री वर्षिनी को भी डेंगू हो गया. इलाज के दौरान दिवाली वाले दिन 27 अक्टूबर को श्री वर्षिनी की भी मौत हो गई.

बुधवार को हुई 4 मौत

इस दौरान राजगट्टू की पत्नी सोनी गर्भवती थी और परिवार में हुई इन तीन मौतों से वह बुरी तरह सदमे में थी. लेकिन आखिरकार मच्छर जनित इस वायरल बीमारी ने उसे भी जकड़ लिया. जिसके बाद सोनी को हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए भर्ती कराया गया. मंगलवार को 28 साल की सोनी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. जिसके बाद बुधवार (30 अक्टूबर) को अस्पताल में सोनी की मौत हो गई.

सरकार पर खड़े हुए सवाल

15 दिनों के अंतराल में पूरे परिवार के खत्म हो जाने की इस हृदय विदारक घटना ने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है. गौरतलब है कि पहले ही तेलंगाना उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को चेतावनी दी थी और राज्य में डेंगू के खतरे को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने को कहा था.