कोर्ट ने हनीप्रीत पर देशद्रोह की धारा हटाई

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नई दिल्ली। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में सजा होने के बाद पंचकूला में हुई हिंसा मामले में दोषी हनीप्रीत और 14 अन्य आरोपियों से देशद्रोह की धारा हटा दी गई है। पंचकूला में 25 अगस्त 2017 को भड़की हिंसा में 36 लोगों की जान गई थी। दंगा फैलाने के आरोप में पुलिस ने राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत को गिरफ्तार किया था।

शनिवार को पंचकूला में एडीजे संजय धीर की कोर्ट में सभी आरोपियों को पेश किया गया। जबकि हनीप्रीत को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रही। कोर्ट में पुलिस हनीप्रीत और अन्य आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह की धारा साबित नहीं कर पाई। कोर्ट ने आरोपियों पर से देशद्रोह की धारा हटा दी। साथ ही, एडीजे कोर्ट ने इस मामले को अब सीजेएम कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया।

देशद्रोह की धारा हटने के साथ ही कोर्ट ने हनीप्रीत और अन्य आरोपियों पर आरोप तय किए। कोर्ट ने इन आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 216, 145, 150, 151, 152, 153 और 120बी के तहत आरोप तय किए हैं।

पंचकूला हिंसा में 36 लोगों की हुई थी मौत

25 अगस्त 2017 को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी। पंचकूला में राम रहीम के समर्थकों ने गाड़ियां फूंकी, पेट्रोल पंप जलाया, सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में आगजनी की। इसमें 36 लोगों ने जान गई थी। दंगा फैलाने के आरोप में राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत को गिरफ्तार किया गया। 14 अन्य को भी आरोपी बनाया गया था।

1200 पेज की चार्जशीट

पुलिस ने शुरुआत में 1200 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। जिन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है उनमें हनीप्रीत, उसकी साथी सुखदीप कौर, राकेश कुमार अरोड़ा, सुरेंद्र धीमान इंसा, चमकौर सिंह, दान सिंह, गोविंद राम, प्रदीप गोयल इंसा व खैराती लाल पर कई धाराओं के तहत केस दर्ज किए थे।

38 दिनों बाद हुई थी हनीप्रीत की गिरफ्तारी

पंचकूला हिंसा के बाद से पुलिस हनीप्रीत को ढूंढ रही थी लेकिन वह 38 दिनों तक पुलिस के हाथ नहीं आई। पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने हनीप्रीत को पंजाब से पकड़ा है। इसके बाद से वह अम्बाला जेल में बंद है। वहीं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई होती है। हनीप्रीत ने कोर्ट में जमानत याचिका भी लगाई थी लेकिन कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।