निर्दलीय विधायकों को अपने खेमे में करने में जुटी BJP-शिवसेना

0
51

मुंबई. महाराष्‍ट्र में हाल में संपन्‍न विधानसभा चुनावों में किसी भी दल को स्‍पष्‍ट बहुमत हासिल नहीं हुआ है. हालांकि, बीजेपी-शिवसेना के चुनाव पूर्व गठबंधन को बहुमत है, लेकिन दोनों दलों के बीच मुख्‍यमंत्री की कुर्सी को लेकर खींचतान के साथ दबाव बनाने की राजनीति जारी है. शिवसेना चुनाव परिणाम के बाद से ही ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर सरकार बनाने की बात कर रही है. दूसरी तरफ BJP विधायकों के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी होने का हवाला देते हुए इस फॉर्मूले पर अपनी सहमति नहीं दी है. इस गतिरोध के बीच बीजेपी और शिवसेना निर्दलीय विधायकों को अपने-अपने खेमे में करने में जुटी है. अब तक ऐसे पांच MLA दोनों दलों के समर्थन की बात कह चुके हैं.

भाजपा को समर्थन देने की घोषणा करने वाले तीन निर्दलीय विधायकों में गीता जैन, राजेंद्र राउत और रवि राणा शामिल हैं. ठाणे जिले की मीरा भयंदर सीट से जीतीं गीता जैन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद भाजपा को समर्थन देने का ऐलान किया. विधानसभा चुनाव में वह भाजपा से टिकट चाहती थीं, ऐसा न होने पर उन्‍होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था. जैन ने बीजेपी प्रत्याशी नरेंद्र मेहता को हराया था.

फडणवीस से की मुलाकात
राजेंद्र राउत भी भाजपा के बागी प्रत्याशी थे और उन्होंने सोलापुर जिले की बरसी सीट से शिवसेना के प्रत्याशी दिलीप सोपाल को हरा दिया था. रवि राणा ने अमरावती जिले के बडनेरा सीट पर अपने निकटवर्ती प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी प्रीति बंद (शिवसेना) को मात दी थी. जैन और राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की जबकि राणा ने चिट्ठी लिखकर यह घोषणा की.

दो निर्दलीय शिवसेना में हुए थे शामिल
इससे पहले अचलपुर से विधायक बाच्चु काडु और उनके सहयोगी एवं मेलघाट से विधायक राजकुमार पटेल ने शिवसेना को समर्थन देने की पेशकश की. दोनों सीटें विदर्भ के अमरावती जिले की हैं. काडु प्रहर जनशक्ति पार्टी के प्रमुख हैं.