ओडिशा हैदराबाद एनकाउंटर के समर्थन में, पार्टियां और महिला संगठन सख्त कानून के पक्ष में

0
171

भुवनेश्वर। ओडिशा की बीजेडी सरकार ने हैदराबाद एनकाउंटर का स्वागत किया है। राज्य कानून मंत्री प्रताप जेना इस एनकाउंटर के पक्ष में हैं। जेना ने कहा कि यह उनकी निजी राय है कि आरोपियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि उन्हे नहीं पता कि मानवाधिकार संगठन और अन्य संगठन क्या कहेंगे, पर सख्त सजा दी जानी चाहिए। कई देश हैं जहां रेपिस्ट को गोली मार दी जाती है। हैदराबाद में पुलिस ने सही कदम उठाया। सख्त कानून बनाए जाने चाहिए। कांग्रेस विधायक सुरेश राउत ने भी जेना के बयान का समर्थन किया। कहा, एनकांउंटर करके हैदराबाद पुलिस ने ठीक किया। भुवनेश्वर से बीजेपी सांसद अपराजिता षाड़ंगी ने भी हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई को उचित बताया। बीजेपी के ओ़डिशा प्रदेश अध्यक्ष सांसद बसंत पंडा न कहा कि रेपिस्ट को सख्त सजा देने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए।

ओ़डिशा हाईकोर्ट की एडवोकेट रीता सत्पथी बलात्कारियों के एनकाउंटर को पीड़िता को मिले न्याय के रूप में देखती हैं। वह कहती हैं कि रेप के मामलों में पीड़िता को शीघ्र न्याय मिलने की व्यवस्था की जानी चाहिए। रीत का कहना है कि सीआरपीसी में इसके लिए संशोधन करके पृथक प्रावधान किया जाना चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ता शुभाश्री दास ने डाक्टर के बलात्कारियों की गोली मारकर हत्या को बिलकुल जायज ठहराती हैं। वह कहती हैं कि निर्भया कांड में अब तक जस्टिस नहीं मिला। उन्नाव की घटना रोंगटे खड़े कर देती है। शुभाश्री सवाल उठाती हैं कि समाज में महिलाओं के विरुद्ध अपराध की बढ़ती घटनाओं और न्याय में देरी के कारण लोगों में आक्रोश है। यह आक्रोश किसी न किसी रूप में सड़क पर दिखने लगता है। आखिर ऐसी नौबत ही क्यों आयी?

 

राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य नमृता चड्ढा एनकाउंटर को अल्टीमेटम बताते हुए कहती हैं कि यह घटना तो होनी ही है। न्यायिक प्रक्रिया में देरी होने का कारण का नतीजा हैं ऐसी घटनाएं। यह तो पुलिस ही बताएगी कि किन परिस्थितियों में एनकाउंटर किया गया। नम्रता चड्ढा कहती हैं कि रेप के मामलों में स्पीडी जस्टिस की मांग इससे और भी पुरजोर तरीके से उठायी जाती रहेगी।

स्टेट प्रोग्रेसिव वूमेंस फोरम की चेयरपर्सन ममता सामंतराय ने कहा कि हैदराबाद की घटना पर बलात्कारी और ह्यारों को एनकाउंटर में मार गिराने की घटना का स्वागत करते हुए कहती हैं कि कांटा से कांटा निकाला जाता है। एनकाउंटर ने यह कहावत चरितार्थ कर दी। उन्होंने कहा कि यह घटना समाज और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी के लिए एक उदाहरण के रूप में है। सरकार सख्त कानून बनाए और समाज में इंसान की शक्ल में रह रहे भेड़ियों की किसी भी महिला की ओर देखने की हिम्मत नहीं पड़ेगी।

सखी संस्था की अध्यक्ष किन्नर नेता स्वीटी साहू ने दिल्ली में बलात्कार आरोपियों को सजा शीघ्र देने की मांग को लेकर आंदोलन में भाग लिया था।स्वीटी का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया में विलंब के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं। रेप की घटनाओं को लेकर कानून ऐसा होना चाहिए जिसमें दोषी को सख्त से सख्त सजा दिलाकर पीड़िता को न्याय दिलाया जाए। इसके लिए कानून बदलने की जरूरत होती हो संसद में ऐसा प्रयास किया जाए।