वित्तमंत्री ने माना भाषण काफी लंबा था, सचिव की क्लास ली, कहा रोजगार पर काफी कुछ है बजट में

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भुवनेश्वर/नई दिल्ली। बजट पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रतिक्रिया का रेफरेंस देते हुए पूछे गए सवाल पर  प्रेस कांफ्रेंस में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने माना कि बजट भाषण काफी लंबा था। ढाई घंटे का। उन्हें अंदाजा नहीं था कि इतना समय लग जाएगा। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि लंबे बजट भाषण के लिए उन्होंने सचिव की क्लास भी ली। वह बोली, युवाओं के रोजगार पर तो बजट में अधिक जोर दिया गया था।र राहुल ने कहा था कि बजट भाषण को काफी लंबा भाषण बताते हुए कहा था कि बेरोजगारी के मुद्दे पर को ठोस प्रावधान नहीं दिखाई दिया। सरकार अपनी ही पीठ थपथपाती दिखी।

मीडिया में आई बजट पर प्रतिक्रियाएं कुछ इस प्रकार हैं। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा- मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि राजकोषीय घाटा 3.8% है। उनको देश को यह भी बताना चाहिए था कि अगर आप यूनियन और स्टेट का घाटा जोड़े तो यह 8% से ज्यादा है जो देश के लिए चिंता की स्थिति है। कांग्रेस ने कहा कि सबसे लंबा बजट भाषण और सबसे अधिक कमी। अच्छे दिन और न्यू इंडिया के बाद सरकार ने 5 ट्रिलियन डॉलर के इकोनॉमी के लक्ष्य को भी छोड़ दिया है। कोर सेक्टर की ग्रोथ में गंभीर गिरावट आई है।माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा- जब तक मोदी सरकार के मंत्री और भाजपा के नेता भारतीय समाज को नष्ट करने के लिए काम करेंगे, तब तक देश में कोई भी आर्थिक पुनरुत्थान नहीं हो सकता। वहीं, राजद ने कहा- ‘गोली मारो…’ का नारा देने वाले वित्त राज्यमंत्री आज देश को बता रहे हैं कि बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ वाला है।

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा- निर्मला सीतारमण और अनुराग ठाकुर ने नौकरी की कमी, किसानों की आत्महत्या, गिरती हुई जीडीपी, खत्म होते कारोबार के बीच का बजट पेश किया। सीतारमण अपने बॉस की तरह कहती हैं- ‘सब चंगा सी’! अनुराग ठाकुर ने कहा होगा- देश के बेरोजगारों, व्यापारियों और किसानों को गोली मारो! कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा- 2020 के बजट में बढ़ती बेरोजगारी, बढ़ती किसान आत्महत्याएं, गरीबी से हो रही आत्महत्याएं, ईंधन की बढ़ती कीमतें, बढ़ती महंगाई, बढ़ती लागतें, बढ़ती बैंक धोखाधड़ी को गोली मारी जानी चाहिए। वित्त मंत्री को बजट पेश करने से पहले अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। इस बजट में रोजगार बढ़ाने के लिए योजनाएं लाई जानी चाहिए।

बायोकॉन की संस्थापक किरण मजूमदार शॉ ने कहा- हमारे आर्थिक कैंसर को कीमोथेरेपी की नहीं बल्कि इम्यूनोथेरेपी की जरूरत है। हमें इसके कारणों से लड़ने की जरूरत है न कि इसके लक्षणों से। उम्मीद है 2020 के बजट में इस पर भी ध्यान दिया जाएगा। वित्तीय सृजन हमारी आर्थिक प्रतिरक्षा तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा- अर्थव्यवस्था में थेगड़े (टैटर्स/पैबंद) लग चुके हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ही हैं, जो कॉस्मेटिक सर्जरी कर सकती हैं। क्योंकि, भाजपा सरकार तो इमरान खान या पाकिस्तान के मुसलमानों की बात करने में ही लगी रहती है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा- दिल्ली के लोगों को पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार बजट में दिल्ली के हितों की रक्षा करेगी। चुनाव के मद्देनजर दिल्ली को और भी ज्यादा मिलना चाहिए। बजट बताएगा कि भाजपा को हम दिल्लीवालों की कितनी परवाह है।