लोग सत्ता के लिए 40 जवानों की जान का सौदा भी कर सकते हैं: कांग्रेस नेता उदित राज

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नई दिल्ली. पुलवामा हमले की पहली बरसी के बाद कांग्रेस के नेता भाजपा सरकार को लगातार निशाना बना रहे हैं। शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हमले को लेकर तीन सवाल पूछे थे, तो वहीं अब शनिवार को उन्हीं की पार्टी के एक अन्य नेता उदित राज ने विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग सत्ता पाने के लिए गुजरात में नरसंहार करवा सकते हैं, वे सत्ता बनाए रखने के लिए 40 जवानों की जान का सौदा भी कर सकते हैं। इनके लिए देशभक्ति और राष्ट्रवाद जनता को भरमाने का एक टूल भर है।’’

उदित राज ने ट्वीट में आगे कहा, ‘‘राहुल गांधी जी ने सही सवाल उठाया कि पुलवामा हमले के जांच का नतीजा अभी तक नही आया। जब गृह मंत्रालय को खबर मिल गई थी कि सीआरपीएफ को रोड से नहीं, बल्कि एयर से ले जाना चाहिए तो इजाजत नहीं दी अर्थात राजनैतिक लाभ के लिए यह घटना होने दिया।’’

राहुल गांधी जी ने सही सवाल उठाया की पुलवामा हमले के जांच का नतीजा अभी तक नही आया जब गृहमंत्रालय को खबर मिल गयी थी कि CRPF को रोड से नहीं बल्कि एयर से ले जाना चाहिए तो इजाजत नहीं दिया अर्थात राजनैतिक लाभ के लिए यह घटना होने दिया। ‘राष्ट्रवाद का प्रचार करने वाले लोग अक्सर उच्च जाति के होते हैं’
उन्होंने आगे लिखा, ‘‘सोशल मीडिया पर राष्ट्रवाद का प्रचार करने वाले लोग अक्सर उच्च जाति के होते हैं और जिन सैनिकों ने मुख्य रूप से हमले में अपनी जान गंवाई वे एससी/एसटी/ओबीसी समुदायों से आते हैं। हाशिए पर खड़े समुदायों को सत्ताधारी सवर्णों की देशभक्ति की कीमत चुकानी पड़ती है।’’

सोशल मीडिया पर राष्ट्रवाद का प्रचार करने वाले लोग अक्सर उच्च जाति के होते हैं और जिन सैनिकों ने मुख्य रूप से हमले में अपनी जान गंवाई वे SC/ST/OBC समुदायों से आते हैं. हाशिए पर खड़े समुदायों को सत्ताधारी सवर्णों की देशभक्ति की कीमत चुकानी पड़ती है. विद्रोहियों और सुरक्षाबलों की लड़ाई में क्यों मरते हैं सिर्फ हाशिए के लोग पुलवामा और दंतेवाड़ा जैसे हिंसक हमलों में मरने वाले लोग मुख्यरूप से दलित, आदिवासी या ओबीसी समुदायों से होते हैं.