‘अयोध्या जजमेंट पर हम से ज्यादा खुश और कौन होगा’

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भुवनेश्वर। पौराणिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि किन्नरों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का किन्नरों को विशेष आशीर्वाद प्राप्त था। इस कथा को याद करते हुए भावुक किन्नरों ने सुप्रीमकोर्ट के जजमेंट का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम जन्म भूमि पर फैसला सर्वमान्य है। राम पर हमारी आस्था को कोई डिगा नहीं सकता।

किन्नरों के सम्मान के लिए कार्य कर रही सखी संस्था की अध्यक्ष किन्नर स्वीटी साहू का कहना है कि सुप्रीमकोर्ट के निर्णय पर किन्नर समाज से ज्यादा भला कौन खुश होगा। स्वीटी एक कथा का उल्लेख करते हुए बताती हैं कि त्रेतायुग में भगवान राम के समय किन्नर भी थे। ऐसी मान्यता है कि श्रीराम जब 14 वर्ष के वनवास के लिए अयोध्या छोड़ने लगे तब उनकी प्रजा और किन्नर समुदाय भी उनके पीछे-पीछे चलने लगे थे। राम उनसे वापस अयोध्या लौटने को कहा।

 

वह आगे बताती हैं कि लंका विजय के बाद जब वह लौटे तो उन्होंने देखा कि बाकी लोग चले गए थे पर किन्नर वहां पर मौजूद थे। किन्नरों की भक्ति से प्रसन्न होकर प्रभु श्रीराम ने किन्नरों को वरदान दिया कि उनका आशीर्वाद हमेशा फलित होगा। तब से मांगलिक कार्यों में किन्नरों का आशीर्वाद लेने की परंपरा है। स्वीटी कहती हैं कि कालांतर यह जीवनयापन का जरिया बना। अब तो किन्नर समाज ने अपना स्थान इस समाज में बना लिया। सम्मान से जीने भर का कमा रहे हैं। समस्त किन्नर समाज सुप्रीमकोर्ट के इस फैसले का तहे दिन से स्वागत करता है।

स्वीटी साहू का कहना है कि सुप्रीमकोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है। हमारी भक्ति और आस्था से जुड़ा है। हम अमन चैन और सौहार्द बनाए रखने की लोगों से अपील करते हैं। करीब डेढ़ सौ साल की लड़ाई खत्म हुई। नकारात्मक माहौल से बचना चाहिए। आत्मीयता बनाए रखने की आवश्यकता है। यह फैसला शांति का मार्ग प्रशस्त करता है। यह किसी की जीत हार का सवाल नहीं है।