भुवनेश्वर लोस क्षेत्रः अपराजिता व अरुप की सीधी टक्कर में फायद तलाशते जनार्दन

0
216

भुवनेश्वर। आम चुनाव के तीसरे चरण के मतदान में भुवनेश्वर लोकसभा क्षेत्र दो ब्यूरोक्रेट के बीच दिलचस्प लडाई का गवाह बनेगा। यहां पर बीजेपी के लिए खाता खोलने की बड़ी चुनौती है। यदि सफल होती है तो यह चुनावी इतिहास में भुवनेश्वर से बीजेपी की पहली बार जीत होगी। स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति लेकर नवंबर 2018 में पार्टी में शामिल हुई 1994 बैच की आईएएस रहीं अपराजिता सारंगी को बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया है तो बीजेडी ने वर्तमान सांसद प्रसन्न कुमार पटसानी का टिकट काटकर मुंबई के पूर्व कमिश्नर आईपीएस अधिकारी रहे आरुप पटनायक को खड़ा किया है। वह पुरी जिले के डेलंगा के निवासी हैं।

कांग्रेस यहां पर सीपीएम उम्मीदवार जनार्दन पति को समर्थन दे रही है। यह सीट तीन बार सीपीएम के पास रही है। बताते हैं कि अपराजिता सारंगी का वीआरएस के लेकर बीजेपी की राजनीतिक में सक्रिय होने के पीछे खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहमति बतायी जाती है। मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह यहां रोडशो और सभाएं कर चुके हैं। बीजेडी अध्यक्ष सीएम नवीन पटनायक अरुप पटनायक के लिए जनता के बीच आ चुके हैं। सीपीएम प्रत्याशी के समर्थन में अब तक किसी बड़े नेता के आने की खबर नहीं है। हां, राहुल गांधी की जनवरी में भुवनेश्वर में जनसभा हुई थी पर तब तक जनार्दन की प्रत्याशिता तय नहीं थी।

इस निर्वाचन क्षेत्र में अब तक हुए 16 चुनाव में से आठ कांग्रेस ने जीते। सीपीएम तीन लोकसभा चुनाव यहां से जीत चुकी है। बीजेपा का अब तक इस सीट पर खाता तक नहीं खुला। बीजेपी के रणनीतिकारों को लगता है कि अबकी खाता खुल सकता है। हालांकि 2014 की मोदी लहर में भी बीजेडी ने ही जात दर्ज की थी। अबकी माहौल बकौल बीजेपी नेतागण पार्टी के पक्ष में महसूस रहा है।

सारंगी कहती हैं कि वह क्षेत्र की जनता के लिए अजनबी नहीं है। उन्होंने पद पर रहते हुए भुवनेश्वर के लिए बहुत काम किया है। उनका दावा कि है जनसहभागिता को प्रमुखता देने की उनकी शैली का लाभ उन्हें मिल रहा है। हर क्षेत्र से रिसपांस मिल रहा है। वह अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं।

बीजेडी के आरुप पटनायक कहते हैं कि 1998 से यहां से किसी अन्य दल को जनता ने अवसर ही नहीं दिया। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के कार्यकाल में भुवनेश्वर में जबर्दस्त विकास हुआ। एक नंबर की स्मार्ट सिटी का दर्जा मिल गया। नवीन बाबू की छवि का पूरा लाभ मिलेगा। शेष जीवन भुवनेश्वर के आवाम के लिए समर्पति है। पटनायक मुंबई में सिलसिलेवार विस्फोट में जांच अधिकारी भी रहे हैं।

भुवनेश्वर लोकसभा सीट की सभी सातों विस सीट पर बीजेडी का ही कब्जा है। ये सीटें जयदेव, भुवनेश्वर मध्य, भुवनेश्वर उत्तर, एकाम्रा भुवनेश्वर, जटनी, बेगुनिया और खोरदा। सभी पर 2014 में बीजेडी के विधायक जीते थे। मतदान 23 को होगा। इस लोकसभा क्षेत्र में 16 लाख 900 मतदाता है जिनमें 8 लाख 64 हजार 256 पुरुष, 7 लाख 36 हजार 264 महिलाएं हैं। यहां पर 381 किन्नर मतदाता भी हैं। बीजेपी, बीजेडी और सीपीएम के अलावा टीएमसी, बीएसपी व निर्दल प्रत्याशी भी मैदान में हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि मुख्य मुकाबला बीजेडी और बीजेपी के बीच है। पर दोनों की लड़ाई में तीसरे प्रत्याशी यानी कांग्रेस समर्थित सीपीएम प्रत्याशी जनार्दन पति जीतने की छटपटाट में है।

भुवनेश्वर लोकसभा क्षेत्र की राजनीतिक पृष्ठ भूमि देखें तो 1962 से लेकर 1971 तक  इस सीट पर कांग्रेस जीतती रही। 1977 में जब देश में कांग्रेस विरोधी लहर थी तो सीपीएम के शिवाजी पटनायक इस सीट से चुनाव जीते. 1980 में कांग्रेस ने फिर वापसी की और चिंतामणि पाणिग्रही विजयी हुए। 1984 के लोकसभा चुनाव में पाणिग्रही फिर जीते। लेकिन 1989 आते-आते यहां पर कांग्रेस की जीत का तिलस्म टूटने लगा था। मंदिर लहर के बाद भी सीपीएम ने यह जीतकर संदेश दिया कि भुवनेश्वर की जनता धर्मनिरपेक्ष है। 1991 में भी सीपीएम के शिवाजी पटनायक जीते।

1996 के चुनाव में सौम्यरंजन पटनायक को कांग्रेस की टिकट पर जनता ने जिताया। उन्हें जानकी बल्लभ पटनायक का दामाद होने का लाभ मिला। 26 दिसंबर 1997 को जब नवीन पटनायक ने बीजू जनता दल यानी बीजेडी बनाया। बीजू पटनायक की लहर पर सवार होकर बीजेडी के प्रसन्न पटसानी 1998 का चुनाव जीत गए। जीत का यह सिलसिला अब तक जारी है।

भुवनेश्वर शहरी इलाका होने के कारण 49.17 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्र में रहती है और 50.83 प्रतिशत शहरी इलाकों में। यहां पर अनुसूचित जाति 13.04 प्रतिशत तथा अनुसूचित जनजाति 5.08 प्रतिशत है। 2014 को मतदान में सबसे कम भुवनेश्वर लोकसभा सीट पर मतदान 58.37 प्रतिशत हुआ। यहां के सांसद बीजेडी सांसद प्रसन्न कुमार पटसानी की लोकसभा में उपस्थिति 75.7 प्रतिशत रही। लोकसभा की कुल 321 बैठकों में से वह 243 दिन मौजूद रहे। सदन में उन्होंने 6 सवाल पूछे। लोकसभा की 43 डिबेट्स में उन्होंने हिस्सा लिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here