ओडिशा में बर्ड फ्लू, भोपाल लैब से मिली पॉजिटिव रिपोर्ट से दहशत, भुवनेश्वर संक्रमित जोन घोषित

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भुवनेश्वर (विप्र)। ओडिशा बर्ड फ्लू की चपेट में आ गया है। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पोल्ट्री फार्म से सैंपल भोपाल लैब भेजा गया था जहां से पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट के अनुसार तमाम चिकन (चूजे) पोल्ट्री फार्म में मरे पाए गए। मरे हुए चूचे का ब्लड सैंपल भोपाल लैब भेजा गया।

बर्ड फ्लू का अंदेशा पहले से ही था पर  सैंपल की रिपोर्ट आने पर राज्य में बर्ड फ्लू कन्फर्म पाया गया। विभागाध्यक्ष सुषेन पंडा ने बताया कि इसकी सूचना राज्य सरकार को भेज दी गयी है। उन्होंने बताया कि इसके वायरस हवा में तैरते हैं और कोई भी संक्रमित हो सकता है।

विश्वविद्यालय का पोल्ट्री फार्म के इर्दगिर्द एक से दस किमी.एरिया संक्रमित जोन घोषित किया जा चुका है। यहां पर सतर्कता बरती जा रही है। इस क्षेत्र के सभी पोल्ट्री फार्म से मुर्गा मुर्गी चूजा दफ्न कर दिए जाएंगे। इसके अलावा 12 रैपिड रिसपांस टीम बनायी गयी हैं। इसमें सात टीमों का काम एक किलोमीटर के दायरे में पोल्ट्री फार्म खत्म किए जाएंगे।

उधर पता चला है कि राज्य सरकार की ओर से चेतावनी भी जारी की गयी है। अन्य स्थानों से भी नमूने (सैंपल) जांच के लिए भेजे जाएंगे। फ्लू (इंफ्लुएंजा) एक ऐसा टर्म है, जोकि काफी खतरनाक माना जाता है। इंसान के अंदर वायरस के जरिये फैलने वाली बीमारी फ्लू के अंतर्गत आती है। हालांकि हम सभी बीमारियां को इस कैटेगरी में नहीं डाल सकते। कुछ ऐसी भी होती हैं, जोकि इंसान को काफी बीमार कर देती हैं लेकिन वह उतनी घातक नहीं होती हैं जितना की हम सोचते हैं। अब अगर रियल फ्लू की बात करें, तो उसके सिंप्‍टम्‍स काफी अलग तर‍ह के होते हैं।

सबसे पहले हमें यह पता होना चाहिये कि, यह बीमारी किस वायरस के जरिये फैली है। अगर वायरस की पहचान हो जाती है, तो उसका इलाज भी काफी आसान हो जाता है। आमतौर पर वायरस तीन प्रकार के होते हैं- A, B और C वहीं इन तीनों में सबसे खतरनाक A माना जाता है। यह वायरस इंसानों और जानवारों दोनों के जरिये फैल सकता है। इसीलिये बर्ड फ्लू को हम टाइप A वायरस के अंतर्गत रखते हैं।

लक्षण

जब कोई वायरस इंसान के शरीर पर अटैक करता है, तो उसके सिंप्‍टम्‍स दिखने लगते हैं। इसमें सबसे पह‍ले मरीज को तेज बुखार चढ़ता है, जोकि 100 से ऊपर होता है। वहीं गले में कफ बनना शुरु हो जाता है, जिसके चलते खराश हो जाती है। इसके अलावा पूरा शरीर दर्द करने लगता है और अकड़न सी महसूस होती है। इसके साथ ही काफी थकान भी हो जाती है। नाक बहना और सिर दर्द भी इसके मुख्‍य लक्षण हैं। इसके अलावा कभी-कभी मरीज को उल्टियां भी होने लगती हैं।

कैसे करें बचाव

आपके घर में अगर कोई सदस्‍य इस तरह के किसी वायरस से संक्रमित है, तो सबसे पहले उसका कमरा अलग कर दीजिये। यह वायरस हवा के जरिये एक-दूसरे में बहुत जल्‍दी फैल जाते हैं। इसके साथ ही मरीज से बात करते समय अपने नाम और मुंह को ढककर रखें। वहीं मरीज के साथ किस करना, हाथ मिलाना आदि से दूर रहें। इसके अलावा मरीज को भी कुछ सावधानी रखनी चाहिये। वायरस से संक्रमित व्‍यक्ति को इधर-उधर नहीं थूकना चाहिये। इसके अलावा तेज बुखार होने पर सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें, वहीं गले में खराश होने पर ठंडी चीजें खाने से एवॉयड करें। अगर आपकी नाक ज्‍यादा बह रही है, तो उसके लिये अपने पास कोई कपड़ा रखें जिसे समय-समय पर बदलते रहें।