पुरी धाम में जगन्नाथ मंदिर का कायाकल्प, करोड़ों के प्रोजेक्टों का शिलान्यास

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पुरी (विप्र)। पुरी धाम में भगवान जगन्नाथ के श्रीक्षेत्र का कायाकल्प का काम शुरू हो गया है। आज गुरुवार को करोड़ों के प्रोजेक्टों की आधार शिला रखी गयीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पुरी धाम के श्रीजगन्नाथ मंदिर में दर्शन के बाद  सुंदरीकरण के लिए करोड़ों की लागत की परियोजनाओं की आधार शिला रखी। ये सभी प्रोजेक्ट अधार (ऑगमेंटेशन बेसिक एमेनिटीज एंड डेवलेपमेंट हेरिटेज) से जुड़ी परियोजनाओं में श्रीमंदिर को विश्वस्तरीय पर्यटनस्थल का लुक देने की कवायद की जाएगी।

मालूम हो कि ओडिशा सरकार ने श्रीमंदिर के आसपास 75 मीटर के दायरे में आने वाले सभी निर्माण ढहा दिए हैं। इसके लिए विशेष अभियान चलाया गया था। कई ऐतिहासिक मठ भी ध्वस्त कर दिए गए थे। सिर्फ उनके द्वारा स्थापित मंदिर छोड़ दिए गए थे। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का पुरी धाम के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने भी विरोध किया था। पर उनकी नहीं सुनी गयी।

 

मुख्यमंत्री पटनायक ने पुरी पहुंचते ही सबसे पहले महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन किए और म्युनिसिपल मार्केट पहुंचे जहां पर उन्होंने 522 करोड़ की पुरी सिटी विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। यहां पर देश दुनिया से आने वाले लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के लिए उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। यहां पर आकर्षक ट्रम्पेट ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।

जगन्नाथ बल्लभ मठ भक्त केंद्र, स्वर्गद्वार का सौंदर्यीकरण, पुराना जेल क्षेत्र में बहुमंजिली पार्किंग, समुद्र तट पर न्यू वेंडिंग जोन, म्युनिसिपल मार्केट में अत्याधुनिक बाजार, ट्रम्पेट ब्रिज पुरी बाईपास से मालतीपटपुर व जगन्नाथ बल्लभ मठ तक बनेगा। इसकी अनुमानित लागत 190 करोड़ होगी। जगन्नाथ बल्लभ मठ के पास मल्टी लेयर पार्किंग जहां पर एक हजार कारें खड़ी की जा सकती हैं। अत्याधुनिक बाजार के साथ ही दस हजार लोगों की क्षमता वाला 180 करोड़ की लागत से मेडिटेशन सेंटर इसी मठ सीमा के भीतर ही बनाया जाएगा।

पुरानी जेल से खाली करायी गयी जमीन 350 दुकानें और 500 कारों के लिए स्टैंड बनाया जाएगा। इसी तरह मार्केट काम्पलेक्स में 500 दुकानें व 100 कारे रखने का स्थान बनाया जाएगा। सभी कार्य निर्माण विभाग ओडिशा और ब्रिज कारपोरेशन द्वारा कराए जाएंगे।