पुरी जाइए, आराम से दर्शन कीजिए, सुप्रीमकोर्ट ने जारी किए दिशा निर्देश

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पुरी/नईदिल्ली (विप्र)। पुरी धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को अब दर्शन में कोई कठिनाई नहीं होगी। श्रीजगन्नाथ मंदिर में सुधार को लेकर सुप्रीमकोर्ट ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन में पूर्णकालिक प्रशासक की नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है। सुप्रीमकोर्ट ने महाप्रभु जगन्नाथ भगवान की रीतिनीति में गोवर्द्धन पीठ के शंकराचार्य की भूमिका को भी रेखांकित किया है। पीठ के प्रवक्ता ने बताया कि शंकराचार्य द्वारा दिए सुधार प्रस्तावों में अधिकतर सुप्रीमकोर्ट ने स्वीकारे। श्रीमंदिर की संपत्ति सुरक्षा चाकचौबंद करने के लिए पुख्ता रिकार्ड रखने पर जोर दिया है। इसके अलावा ओडिशा सरकार को 60 हजार श्रद्धालुओं के रहने की व्यवस्था का प्लान तैयार करने को कहा है। श्रीमंदिर प्रबंध समिति को निर्देश दिया है कि सेवायतों के बच्चों की पढ़ाई लिखाई का इंतजाम करें। इन स्कूलों में अन्य बच्चों को भी प्रवेश दिया जाय। पर प्राथमिकता सेवायतों की दी जाए। सुप्रीमकोर्ट ने श्रीजगन्नाथ की संपत्ति का रिकार्ड ऑफ राइट्स 6 माह के भीतर तैयार करने को कहा है।सुप्रीमकोर्ट द्वारा भेजे गए न्यायमित्र की रिपोर्ट में बताया गया था कि 60,418 एकड़ भूमि श्रीजगन्नाथ की है पर रिकार्ड ऑफ राइट्स सिर्फ 34,200.976 एकड़ भूमि का ही है। सुप्रीमकोर्ट के निर्देश राज्य के बाहर की भी संपत्ति का लेखाजोखा तैयार करके कोर्ट को सूचित करने की बात कही गयी है। श्रीमंदिर के आय प्रबंधन और रखरखाव में स्पष्टता हो। सुप्रीमकोर्ट ने सेवायतों को महाप्रभु जगन्नाथ की रीतिनीति संपादन के लिए प्रशिक्षित किया जाए। सुप्रीमकोर्ट ने श्रीमंदिर परिसर आनंद बाजार में महाभोग की क्वालिटी में सुधार और सफाई के साथ ही उसके रेट भी वाजिब रखे जाएं। सभी श्रद्धालुओं को बिना कठिनाई के दर्शन सुनिश्चित किए जाएं। श्रीमंदिर की सुरक्षा और परिसर के भीतर तैनाती के लिए विशेष पुलिस दस्ता गठित किया जाए। ठोस कचरा निस्ताररण व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिकतम सुविधा से लैस वाशरूम, क्लाक रूम बनाएं। सेवायतों को परिचय पत्र दिए जाएं। श्रद्धालुओं व सेवायतों के लिए दुपहिया वाहनों की पार्किंग चार महीने के भीतर बनायी जाए। सुप्रीमकोर्ट ने अगली सुनवायी 8 जनवरी 2020 को की जाएगी।