पुरी की सुनहरी समुद्री रेत पर ब्रायंट का चित्र उकेर कर ओडिशा ने दी श्रद्धांजलि

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भुवनेश्वर (महेश शर्मा)। कुछ बात तो थी बॉस्केटबॉल खिलाड़ी कोबे ब्रायंट में। असामयिक मौत ने दुनिया को स्तब्ध कर दिया। देश दुनिया की सेलीब्रेटी ने आंसू बहाए उसकी मौत पर। ओडिशा भी दुख की इस घड़ी में कोबे ब्रायंट के परिवार के साथ खड़ा दिखा। माध्यम बने अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक। जगन्नाथधाम पुरी के महासमुद्र तट की सुनहरी रेत में कोबे ब्रायंट का चित्र उकेर कर न केवल पटनायक ने बल्कि पूरे ओडिशा ने उसे श्रद्धांजलि दी।

सुदर्शन कहते हैं कि हम और हमारा प्रदेश बेहद संवेदनशील है। मानवीय संवेदनाओं के अवसर पर चाहे कला का माध्यम हो या फिर लेखन ओडिशा के लोग दुख में भागीदार होते हैं। सैंड आर्ट के माध्यम से उनकी छवि उकेर कर भावभीनी श्रद्धांजलि इस महान खिलाड़ी को दी गयी है। ओडिशा के सुदर्शन की इस सैंड आर्ट को एएफपी एजेंसी विश्व भर में फ्लैश किया जिसका संदेश दुनिया भर में गया। हेलीकॉप्टर क्रैश होने से कोबे और उनकी बेटी की मौत हो गयी थी। वह 41 वर्ष के थे। अमेरिका के कैलीफोर्निया में हुए इस हादसे ब्रायंट के साथ उनकी 13 साल की बेटी मियाना की भी मौत हो गयी है। इस हेलीकॉप्टर में नौ लोग सवार थे। खेल प्रेमियों विशेषकर बॉस्केटबॉल प्रेमियों के लिए यह शॉकिंग न्यूज थी। धुंध अधिक होने के कारण उनका हेलीकॉप्टर लांसएंजिलस की उत्तर-पश्चिम की कालाबसास पहाड़ियों से टकरा गया था। दुर्घटना के लिए गठित जांच टीम पांच दिन पर घटनास्थल पर ही रहेगी।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कभी हार न मानने का जज्बा, कड़ी मेहनत और सटीकता. मोटे तौर पर देखें तो यही वे गुण थे जिन्होंने कोबे ब्रायंट को एनबीए का दिग्गज बनाया। वे अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गये जिसने नेशनल बास्केटबॉल लीग की नयी पीढ़ी और दुनिया भर के प्रशंसकों को प्रेरित किया। कहते हैं कि दुनिया में अगर बास्केटबॉल के कुल पांच महानतम खिलाड़ियों का नाम लिया जाए तो कोबे ब्रायंट उनमें शामिल होंगे। उनकी मौत के बाद ट्विटर से लेकर फेसबुक पर वे और यह हादसा ट्रेंड कर रहे हैं। करण जौहर से लेकर बराक ओबामा और डोनाल्ड ट्रंप तक तमाम हस्तियों ने उनके निधन पर शोक जताया है। प्रियंका चोपड़ा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली सरीखी नामचीन हस्तियों ने भी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी। कोबे बीन ब्रायंट पूर्व एनबीए खिलाड़ी जो ‘जेलीबीन’ ब्रायंट के बेटे थे। उनका 23 अगस्त 1978 को फिलाडेल्फिया में जन्म हुआ था। यह खिलाड़ी लॉस एंजेलस लेकर्स के साथ 20 साल तक जुड़ा रहा और इस दौरान इस टीम ने पांच एनबीए खिताब जीते। कोबे ब्रायंट ने शाकिल ओ नील के साथ मिलकर लेकर्स को 2000, 2001 और 2002 में खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभायी थी। इस तरह से वे 23 साल की उम्र में तीन खिताब जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इसके बाद ओ नील ने ब्रायंट के साथ झगड़े के कारण लेकर्स को छोड़ दिया। उससे ब्रायंट का खेल भी प्रभावित हुआ और स्पेन के पाउ गैसोल के आने तक उनकी टीम कोई खिताब नहीं जीत पायी।

ब्रायंट की अगुवाई में लेकर्स ने 2009 और 2010 में खिताब जीते। बाद में उनकी ओ नील से भी सुलह हो गयी। कोबे ब्रायंट की अगुवाई में अमेरिका की ओलंपिक टीम ने 2008 बीजिंग ओलंपिक और 2012 लंदन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीते थे। खेल से सन्यास लेने के बाद उन्होंने बच्चों के लिए पुस्तक लेखन किया। डियर बॉस्केटबाल फिल्म की स्क्रिप्ट भी उन्होंने लिखी। एनीमेशन के लिए सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का अकादमी पुरस्कार भी उन्हें मिला था।

(फोटो साभार)