तेज हवा, बारिश शुरू, ओडिशा में मध्यरात्रि से दिखेगा बुलबुल का कहर, पीएमओ ने तैयारी की समीक्षा की

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भुवनेश्वर/पुरी (विप्र)। ओडिशा में बुलबुल चक्रवात का असर दोपहर बाद से बारिश और तेज हवाओं के रूप में दिखने लगा है पर यह मध्य रात्रि से और भी तेज हो जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाओं के झोंके और तेज बारिश शुरू हो जाएगी। तटवर्ती छह जिलों को हाई अलर्ट जारी किया गया है। नागरिकों से घरों में रहने को कहा गया है। बुलबुल के खतरे से बचने के लिए सरकारी महकमा मुनादी कर रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय में पीएम के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा ने संबंधित विभागों के आला अफसरों के साथ बैठक करके तूफान से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। मिश्रा ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिवों से वीडियो कांफ्रेंसिंग की। पीके मिश्रा ओडिशा के ही रहने वाले हैं।

ओडिशा में दिन भर सूर्य के दर्शन नहीं हुए। मध्य रात्रि से तेज हवाएं और बारिश शुरू हो जोगी। नौ नवंबर को यह और भी तेज होगी। आज दोपहर बाद से बारिश में शुरू हो गयी है। विशेष राहत आयुक्त पीके जेना के अनुसार समुद्र तट से जुड़े छह जिलों में हाई-अलर्ट जारी किया गया है। उधर दिल्ली से खबर के अनुसार प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर बुलबुल चक्रवात के प्रभाव को लेकर तैयारी की समीक्षा बैठक की। बैठक में ओडिशा, पश्चिम बंगाल और अंडमान के हालात पर संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत की।

मौसम विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार आज सुबह साढ़े आठ बजे बुलबुल चक्रवात पारादीप तट से 390 किमी. दूरी पर था। यह उत्तर-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। राज्य के उत्तर तट क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिस शुरू हो चुकी है। पुरी, केंद्रपाड़ा, भद्रक, जगतसिंहपुर ज्यादा प्रभावित होने वाले जिले हैं। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार हवाओं के झोंके 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे पर हैं। केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, बालासोर, भद्रक जिला में हवा 70-80 किमी. प्रतिघंटे से 90 किमी.प्रतिघंटे की रफ्तार से 9 नवंबर को हवा चलेगी। यह गति 12 घंटे तक रहने के आसार हैं। पुरी और गंजाम में 40 से 50 किमी.प्रतिघंटा रहेगी।

मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान बुलबुल पश्चिम बंगाल के सुंदरवन में टकराएगा। जिलों के लिए अलर्ट जारी करते हुए प्रभावित जिलों के नागरिकों से तेज हवाओं और बारिस के दौरान अपने घरों पर रहने को कहा गया है। जेना कहते हैं कि हालांकि किसी भी जान माल की नुकसान की संभावना से नकारा गया है फिर भी जिलाधिकारियों को चाकचौबंद रहने को कहा गया है। उनका कहना है कि ओडिशा डिजास्टर रैपिट एक्शन फोर्स और नेशनल डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती कर दी गयी है। फायर सर्विसेज को छह जिलों में सक्रिय किया गया है।

प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा ने दिल्ली में तैयारियों की बाबत उच्चस्तरीय बैठक की जिसमें केंद्र शासित अंडमान निकोबार द्वीप, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बुलबुल से निपटने को तैयारी का जायजा लिया गया। बैठक में मौसम विभाग महानिदेशक मृत्युजंय महापात्रा ने कहा कि ओडिशा के तटवर्ती इलाकं में 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा के झोंके आएंगे। यह गति नौ नवंबर तक 90 किलोमीटर तक पहुंच जाएगी। यही हाल लगभग पश्चिम बंगाल तटों का रहेगा। इंडियन कोस्ट गार्ड को भी सजग रहने को कहा गया है। प्रमुख सचिव ने न्यूनतम क्षति और जानमाल की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। बैठक में विभागीय सचिवों, आपदा प्रबंधन, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल व अंडमान निकोबार के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की गयी।