तेज हवाओं और बारिस से एक की मौत, भारी संख्या में पेड़ टूटे, घर गिरे

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प्रचंड चक्रवात अम्फान के प. बंगाल की ओर बढ़ने के साथ ही तीव्रता कम हुई

भुवनेश्वर। ओडिशा में बुधवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिस से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। चक्रवात अम्फान के भय से तटवर्ती 12 जिलों में तूफान का राज करता रहा। लोग भय के मारे दुबके रहे। हवाओं की गति यहां अपेक्षा से कम ही रही। लगभग 110 से 130 किमी. के आस-पास प्रतिघंटा रही। इसके पश्चिम बंगाल में लैंडफाल के दौरान हवा की रफ्तार 165 किलोमीटर प्रतिघंटा तक होने की संभावना है। चक्रवात के कारण भद्रक जिले में दीवार ढहने से बच्चे की मौत हो गयी। सुपरसाइक्लोन का हौव्वा जिस तरह खड़ा किया गया था उसके मुकाबले यह बहुत क्षीण रहा। हालांकि नुकासन का आंकलन होना बाकी है पर हजारों पेड़ों के टूटने के साथ ही घरगिरी की भी घटनाएं हुई हैं।

निर्धारित समय से पहले अम्फान की लैंडफाल प्रक्रिया सुंदरवन की ओर शुरू हो चुकी है। यह दो बजे शुरू हुई थी इसका चार घंटे तक चलने का अनुमान लगाया जा रहा है। मौसम विभाग के क्षेत्रीय निदेशक एचआर विश्वास का कहना है कि 24 घंटे बाद मौसम साफ हो जाएगा। हालांकि बारिस धीमी हो गयी है, पर समुद्री हवाएं चलने से बारिस का क्रम जारी है। क्षेत्रीय मौसम विभाग द्वारा पहले यह संभावना व्यक्त की गयी थी कि चक्रवात चार बजे अपरान्ह दीघा व हतिया के बीच लैंडफाल करेगा। यह भी कहा गया था कि दो घंटे लैंडफाल की प्रक्रिया में लगेगा। मौसम विभाग के पूर्व आंकलन के मुताबिक उत्तर पूर्व दिशा में 150 किमी. दूरी तय कर चुका था।

ओडिशा में सुबह का समुद्री मंजर भयावह दिख रहा था। बंगाल की खाड़ी क्षेत्र का समुद्र पूरी तरह से अशांत है। 10 से 15 फुट ऊंची लहरे काफी वेग से आकर समुद्र तट से टकराती है तो शरीर कांप उठता है। हालांकि प्रचंड चक्रवात अम्फान दोपहर बाद दिघा और हतिया के बीच कहीं पर लैंडफाल करेगा। पर कोलाहल करती हर लहर लैंडफाल जैसा एहसास करा जाती है। भद्रक में तेज हवा चलने से एक दीवार ढहने से बच्चे की मौत हो गयी। चक्रवात में मौत की यह पहली घटना खननदा गांव में हुई है। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के सुंदरवन में लैंडफाल करेगा। पुरी से लेकर बालासोर तक बारिस और तेज हवाओं का नजारा रहा। अभी पिछले साल 3 मई को फॉनी चक्रवात से हुई तबाही का मंजर लोग भूल भी न पाए थे कि अबकी साल मई में ही अम्फान ने ओडिशा में तबाही के इतिहास की नयी इबारत गढ़ना शुरू कर दिया है।

भारी संख्या में घरगिरी और पेड़ गिरने की घटनाएं कल रात से ही शुरू हो गयी थी। जगतसिंहपुर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, बालासोर से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक भारी संख्या में पेड़े गिरे हैं। ज्यादातर रास्ते जाम हो गए हैं। लोग डरे सहमें से अपने घरों में दुबके हैं। प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों ने ट्वीट के माध्यम से सूचना दी है कि रास्ता ब्लाक किए पेड़ों को एनडीआरएफ और अग्निशमन के जवान काटकर हटा रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों की हालत तो और भी पतली हो गयी है। खोरदा जिले में तूफान का असर साफ दिखा। भुवनेश्वर में कल रात से ही तेज हवाओं के साथ बारिस हो रही है। पुरी में भी यही हाल है। निर्माणाधीन रथ का काम रोक दिया गया है। रात से ही बिजली की आंख मिचौनी जारी है। ज्यादा प्रभावित जिलों में बिजली की आपूर्ति ठप हो गयी है। पुरी के काकटपुर ब्लाक में अधिकतम वर्षा हुई।

यहां के तटवर्ती क्षेत्रों से 10 हजार लोगों को आश्रयस्थलों में शिफ्ट किया गया है। भद्रक से मिली खबर के अनुसार कल रात से बारिस तेज है। नौ बजेके बाद और भी तेजहो गयी है। हवाओं की गति भी बढ़ी है। जगतसिंहपुर और पारादीप का भी यही नजारा है। जगतसिंहपुर में 17 हजार लोगों को अबतक निकालकर 267 आश्रयस्थलों पर ले जाया गया है। भद्रक और केंद्रपाड़ा में भी शहर के सभी प्रमुख रास्ते ब्लाक हैं। बिजली के खंभों और तारों के अधिक संख्या में टूटने की खबर है।

 

 

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