ओडिशा में बुलबुल से तबाही का मंजर, दो की मौत, एनडीआरएफ जवान घायल

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भुवनेश्वर (विप्र)। चक्रवाती तूफान बुलबुल के कहर से ओडिशा दो लोगों की मौत हो गयी। भद्रक में एक एनडीआरएफ जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। करीब 6 लाख हेक्टेयर फसल का भारी नुकसान हुआ है। ओडिशा के तटीय क्षेत्र में भारी संख्या में पेड़ गिरे देखे गए जिन्हें हटाया जा रहा है। इसके अलावा घरगिरी की हजारों घटनाएं हुई हैं। राज्य के तटवर्ती क्षेत्र से ढाई हजार परिवारों को सुरक्षित स्थानों पहुंचाया गया। ओडिशा सरकार ने केंद्र से क्षति आंकलन के लिए टीम भेजने को कहा है। केंद्र सरकार के गृहमंत्रालय को प्रारंभिक रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिला एक व्यक्ति की घरगिरी तथा दूसरे की डूबने से मौत हो गयी।

केंद्रीय आंकलन रिपोर्ट के अनुसार भारी संख्या में घरगिरी की घटनाएं हुईं तथा 870 पेड़ जड़ से उखड़कर  गिरे हैं। मोबाइल टावरों के भी क्षतिग्रस्त होने की खबर है। ओडिशा के चार जिले बुलबुल से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। पावर कनेक्शन बहाली और सड़क मार्ग सफाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। पुलिस महानिदेश और महानदेशक फायर सर्विस राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर रखे हैं। भद्रक, केंद्रपाड़ा, पुरी, जगतसिंहपुर, जाजपुर, बालासोर जिले में जनजीवन सामान्य होने लगा है।

करीब 900 फायर सर्विस जवानों, 18 विशेषज्ञ टीमों तथा 66 रेस्क्यू टीमों को सक्रिय किया गया है। सौ पावर कटर, 168 टावर लाइट, 63 पावर बोट तथा 135 डी-वाटरिंग पम्प लेकर कर्मचारी जुटे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को इन जिलों का प्रभारी बनाकर लगाया गया है। रेस्क्यू आपरेशन समेत अन्य कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए कंट्रोल रूप स्थापित किया गया है। अब तक सड़कों पर गिरे पड़े 500 से ज्यादा पेड़ों को काटकर हटाया गया है। बुलबुल के प्रभाव के कारण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों मे हल्की बूंदाबांदी अभी भी जारी है। मछुआरों को अभी समुद्र में जाने से रोका गया है।